धार

जब उल्टी दिशा में बहने लगी राज्य की सबसे बड़ी नदी, लोग बता रहे चमत्कार, जानिए इसकी हकीकत

-उल्टी दिशा में बहने लगी नर्मदा नदी-हमेशा पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है नर्मदा-देश की एक मात्र नदी जो आमतौर पर उल्टी बहती है-कई घंटों तक पश्चिम से पूर्व की तरफ बही नर्मदा

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Jul 13, 2022
जब उल्टी दिशा में बहने लगी राज्य की सबसे बड़ी नदी, लोग बता रहे चमत्कार, जानिए इसकी हकीकत

धार. वैसे तो नर्मदा नदी हमेशा पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है, लेकिन अब विपरीत पश्चिम से पूर्व दिशा में बहती दिखाई पड़ रही है। मध्य प्रदेश के धार जिले के नर्मदा नदी किनारे बसे चिखलदा तक 140 किमी में नर्मदा का प्रवाह मंगलवार को उल्टा बहता नजर आया। इलाके में जिस किसी ने भी ये नजारा देखा वो इसे नर्मदा मैय्या का चमत्कार बताने लगा। लेकिन, जानकारों ने इसका भोगोलिक कारण बताया है।

मध्य प्रदेश के तीन जिले जिनमें आलीराजपुर, धार और बड़वानी के सरदार सरोवर बांध के 140 किमी के इलाके में ये अद्भुत नजारा दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि, इससे पहले 4 जुलाई 2019 को भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला था, इसके बाद 12 जुलाई 2022 यानी मंगलवार को दूसरी बार लोगों ने ये दृश्य देखा। एक तरफ जहां स्थानीय लोग इसे मां नर्मदा का चमत्कार बताते नजर आए तो वहीं जानकारों ने इसका भोगौलिक कारण बताते हुए कहा कि, गुजरात में भारी बारिश हो रही है। वहीं इसके मुकाबले मध्य प्रदेश में कम बारिश हुई है। सरदार सरोवर बांध के गुजरात के जलसंग्रहण इलाके में भारी बारिश का होना और मध्य प्रदेश में बारिश का कम होना है। इसके चलते नर्मदा विपरीत प्रवाह से बहती नजर आई है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

वहीं, इस संबंध में फिजिक्स के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रवि वर्मा ने बताया कि, वीडियो में साप नजर आ रहा है कि, नर्मदा नदी का ऊपरी हिस्सा उल्टी दिशा यानी पश्चिम से पूर्व दिशा में बहता दिखाई दे रहा है। लेकिन, इस दौरान उस स्थान पर आंधी चल रही थी। हवा का वेग बहुत ज्यादा होता है। यह 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा बह रही थी। ऐसी स्थिति में ये होता है कि, सारी चीजें उड़ने लगती हैं। तब हवा का डायरेक्शन वेस्ट से ईस्ट हुआ, जिसके प्रभाव में आकरनदी का प्रवाह उल्टी दिशा में बहता दिखाई दिया। हालांकि, ये नजरा सिर्फ नदी के ऊपरी हिस्से में दिखाई पड़ता है। निचले स्थान पर नदी का प्रवाह सीधी डायरेक्शन में यानी पूर्व से पश्चिम की ओर बह रहा होगा।


ऊपर से उल्टी, नीचे से सीधी बह रही थी नर्मदा

डॉ. वर्मा के अनुसार, ये मानसून का भी समय है। सारे पैरामीटर चेंज होते हैं। टेंपरेचर बदलता है। प्रेशर वेरिएशन भी बदलता है। उस कारण हवा का वेग बहुत ज्यादा था। डिफरेंट डायरेक्शन के होने के कारण सिर्फ और सिर्फ ऊपर की लहर जो थी, वह हल्की होने के कारण फ्लो ऊपर दिख रहा था। नीचे से फ्लो सेम था।

Published on:
13 Jul 2022 04:11 pm
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