दुनिया के सबसे ऊंचे मतदान केंद्र ताशिगांग गांव में अविश्वसनीय 142.85 प्रतिशत वोटिंग बूथ पर 49 रजिस्टर्ड वोटर थे, लेकिन कुल 70 वोट पड़े वोटिंग की शुरुआत होने पर फ्रिजींग प्वाइंट से कम था तापमान
नई दिल्ली। लोकसभा चुनावा 2019 के आखिरी चरण का मतदान रविवार को संपन्न हो गया। सातों चरण के मतदान में कहीं सामान्य तो कहीं, बंपर वोटिंग दर्ज की गई। चुनाव आयोग ने मतदाताओं को जागरुक करने के लिए तरह-तरह की कवायदें की थीं। इसी क्रम में आयोग ने देश के सबसे ऊंचे इलाके में भी मतदान केंद्र बनाया था। रविवार को दुनिया के सबसे ऊंचे मतदान केंद्र ताशिगांग गांव में 142.85 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
अविश्वसनीय वोटिंग के पीछे यह है कारण
इस बूथ पर ऐसी अविश्वसनीय वोटिंग का कारण है, लोगों की इच्छा। दरअसल इस केंद्र पर कुल 49 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें से 34 लोगों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। इसके अलावा अन्य लोगों ने भी वोटिंग की इच्छा जताई जिसके बाद उन्हें भी वोट डालने की इजाजत दी गई। इस तरह इस केंद्र पर कुल 70 मतदाताओं ने वोट डाला।
EDC दिखाकर दी गई वोटिंग की इजाजत
जानकारी के मुताबिक, इस 15,256 फुट ऊंचाई पर स्थित दुनिया के मतदान केंद्र पर तैनात सहायक निर्वाचन अधिकारियों ने पंजीकृत वोटरों के अलावा बाकी लोगों को चुनाव कर्तव्य प्रमाणपत्र (EDC) दिखाने के बाद वोट डालने की अनुमति दी। इस बार में एसडीएम (SDM) जीवन नेगी ने भी पुष्टि की है।
वोटिंग के समय फ्रीजिंग प्वाइंट से नीचे था तापमान
हिमाचल प्रदेश के एक प्राचीन बौद्ध मठ के पास स्थित गांव ताशिगांग स्पीति घाटी का सबसे ऊंचा गांव है। हजारों किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित यह पोलिंग बूथ बर्फ से पूरी तरह ढके इलाके में बनाया गया। 19 मई को हुए मतदान के लिए हेलीकॉप्टर से ईवीएम मशीन पहुंचाई गई। यहां सुबह 7 बजे जब मतदान शुरू हुआ तो तापमान फ्रीजिंग प्वाइंट से नीचे था। गौरतलब है कि इससे पहले दुनिया का सबसे ऊंचा मतदान केंद्र लाहुल में स्थित हिक्किम था।