प्रतापगढ़

राजस्थान पुलिस की पहली बड़ी कार्रवाई! धमकी के बाद आत्महत्या…इस भूमाफिया की 12 करोड़ की संपत्ति फ्रीज

Pratapgarh Land Mafia Janesher Khan Property Freeze: प्रतापगढ़ जिला पुलिस ने आदतन अपराधी जानशेर खान निवासी अखेपुर की बगवास स्थित 12 करोड़ रुपए मूल्य की अवैध सपत्ति (6.74 हेक्टयर कृषि भूमि के विभिन्न खसरों को) आयकर विभाग के जरिये फ्रीज करवाया है।

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Rajasthan News Big Action: राजस्थान पुलिस की ओर से बेनामी संपत्ति लेन-देन निषेध अधिनियम 1988 की धारा 24 (3) के तहत पहली बड़ी कार्रवाई की गई। प्रतापगढ़ जिला पुलिस ने आदतन अपराधी जानशेर खान निवासी अखेपुर की बगवास स्थित 12 करोड़ रुपए मूल्य की अवैध सपत्ति (6.74 हेक्टयर कृषि भूमि के विभिन्न खसरों को) आयकर विभाग के जरिये फ्रीज करवाया है। आयकर विभाग की ओर से प्रतापगढ़ तहसीलदार व सब रजिस्ट्रार को निर्देशित किया गया कि जानशेर और उसके साथियों की प्रॉपर्टी किसी भी सूरत में ट्रांसफर नहीं हो सके, यह सुनिश्चित किया जाए।

महानिरीक्षक पुलिस (अपराध एवं सतर्कता) प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि मुस्तफा बोहरा प्रतापगढ़ के नामी व्यक्ति थे। कुछ लोग अवैध रूप से रुपए वसूलने के लिए उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी देकर परेशान करते थे। गिरोह ने मुस्तफा बोहरा के साथ जमीनों की खरीद के लिए सौदे किए, लेकिन खरीदी हुई जमीनों की रजिस्ट्री करवा पैसे नहीं दिए। डरा-धमका कर खाली चैक व स्टाप्स पर भी हस्ताक्षर करवा लिए थे।

सुसाइड नोट में धमकाने का लगाया आरोप

आरोपियों ने बोहरा की जमीनों पर भी कब्जा करना शुरू कर दिया था। इससे परेशान होकर मुस्तफा बोहरा ने 30 अगस्त 2023 की सुबह जहर खा लिया। तत्कालीन एसपी अमित कुमार ने सूचना मिलते ही कोतवाली एसएचओ भगवान लाल को अस्पताल भेजा। वीडियोग्राफी करवा मृत्यु पूर्व कथन दर्ज किए गए। सुसाइड नोट, मृत्युपूर्व स्टेटमेंट एवं वीडियोग्राफी में जानशेर खान सहित अन्य अभियुक्तों द्वारा परेशान करने के कारण बोहरा ने सुसाइड करना बताया।

आयकर विभाग को भेजा लेखा-जोखा

इस प्रकरण में 28 दिसंबर 2023 को तत्कालीन एसपी हाल डीसीपी वेस्ट जयपुर अमित कुमार ने जानशेर की 10 बेनामी प्रॉपर्टियों का लेखा-जोखा तैयार कर सभी साक्ष्यों के साथ संयुक्त आयुक्त आयकर विभाग (बेनामी निषेध) को एक इस्तगासा भेजा। इसमें प्रतापगढ़ में करीब 12 करोड़ की कृषि भूमि जानशेर ने अपने सहयोगी बसंती लाल मीणा, राधेश्याम मीणा व सरमथ मीणा, भग्गाराम के नाम पर खरीदी है।

इसके खसरा नबर 466, 501, 509 होकर कुल रकबा 6.74 हेक्टेयर है। उक्त कृषि भूमि पर वर्तमान में जानशेर खान का ही कब्जा है। भूमि के सबन्ध में संयुक्त खातेदार किशोर मीणा के कथनों से प्रमाणित है। इस पर आयकर विभाग ने चारों लोगों को नोटिस भिजवाया और सपत्ति को फ्रीज किया।

Updated on:
05 Mar 2025 10:54 am
Published on:
05 Mar 2025 10:51 am
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