प्रतापगढ़

फेसबुक पर लाइव होकर युवक ने मां, भाई-बहन के साथ खाया जहर, मेटा अलर्ट से समय रहते बची जानें

यूपी के प्रतापगढ़ में मेटा से अलर्ट आने के बाद पुलिस ने 4 लोगों की जान बचा ली। चारों ने फेसबुक लाइव आकर जहरीला पदार्थ निगल लिया था।

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यूपी के प्रतापगढ़ में मेटा से अलर्ट आने के बाद पुलिस ने 4 लोगों की जान बचा ली। (Photo: Ptrika)

फेसबुक पर लाइव होकर एक युवक ने छोटे भाई, बहन और मां के साथ जहरीला पदार्थ खा लिया। फेसबुक की संचालक संस्था मेटा ने इसकी पुलिस मुख्यालय को अलर्ट भेज दी। स्थानीय पुलिस ने शटर तोड़कर सभी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से सभी को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।

जानें क्या है पूरा मामला

मामला प्रतापगढ़ के मानधाता का है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यहां के 32 वर्षीय अजय सोनी के पिता राकेश सोनी की मौत हो चुकी है। अजय की शादी हुई है, लेकिन बताया जाता है कि उसने पांच माह पहले अमेठी की गीता सोनी के साथ मंदिर में दूसरी शादी कर ली।

मुकदमे के डर से युवक ने उठाया आत्मघाती कदम

गीता पिछले माह अजय के घर पहुंची तो अजय ने शादी की बात से इनकार कर दिया। इसके बाद गीता शिकायत लेकर पुलिस अधिकारियों से मिली। इस पर अजय को कार्रवाई का डर लगने लगा। सोमवार रात करीब 10 बजे अजय अपने भाई रोहित, बहन खुशबू और मां जानकी के साथ फेसबुक पर लाइव आया।

युवक ने महिला के दावे को नकारा

अजय ने बताया कि गीता गलत आरोप लगा रही है। उसकी दूसरी पत्नी होने का दावा गलत है। इसके बाद अजय ने अपने भाई रोहित, बहन खुशबू और मां जानकी के साथ जहरीला पदार्थ खा लिया। इस पर मेटा ने पुलिस मुख्यालय को को अलर्ट भेद दी। जानकारी मिलते ही मानधाता थाने की पुलिस कॉलोनी पहुंची। घर के बाहर से आवाज दी तो कोई जवाब नहीं मिला। इस पर पुलिस शटर तोड़कर अंदर गई तो सभी अचेत मिले। इस पर पुलिस ने सभी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से सभी को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।

भाई-भाभी पर भी प्रताड़ना का आरोप

अजय का बड़ा भाई राहुल मुंगरा बादशाहपुर स्थित अपनी ससुराल में रहता है। चर्चा यह भी है कि चार दिन पहले वह मानधाता आया था। मां से उसका संपत्ति को लेकर विवाद हुआ था। अजय ने भाई और भाभी पर प्रताड़ित करने का आरोप भी लगाया है।

पुलिस मुख्यालय को अलर्ट भेजता है मेटा

विशेषज्ञों के अनुसार, मेटा हर संदेश और वीडियो का विश्लेषण करता है, अगर उसे कोई वीडियो या संदेश संदेहास्पद लगता है तो वह पुलिस मुख्यालय को अलर्ट भेजता है। ऐसे वीडियो के साथ पुलिस को लोकेशन भी भेजी जाती है। पुलिस मुख्यालय से संबंधित जिले के सोशल मीडिया सेल को अलर्ट भेजा जाता है।

Published on:
09 Jul 2025 08:42 am