याची के खिलाफ भारी वित्तीय अनियमितता की शिकायत की गई थी, जिस पर अध्यक्ष से सफाई मांगी गई। इस पर याची ने 24 मार्च 22 को आरोपों के साक्ष्य सहित दस्तावेज मांगे ताकि सफाई दे सके। 14 जून 22 को एडीएम मुजफ्फरनगर ने दस्तावेजी साक्ष्य दिए और जवाब मांगा। तभी याची ने जवाब डाक से भेजा, जिसके सबूत दिए। लेकिन सरकार का कहना था कि जवाब नहीं दिया।
प्रयागराज: मुजफ्फरनगर नगर पालिका अध्यक्ष अंजू अग्रवाल के वित्तीय अधिकार छीनने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए आदेश को रद्द कर दिया है। इसके अलावा कोर्ट ने याची के जवाब पर विचार कर नियमानुसार दो हफ्ते में नए सिरे से विचार कर आदेश पारित करने की छूट दी है। मामले में सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति एमके गुप्ता व न्यायमूर्ति आरएमएन मिश्र की खंडपीठ ने अंजू अग्रवाल की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है।
कोर्ट ने मांगा है जवाब
मामले में याची के खिलाफ भारी वित्तीय अनियमितता की शिकायत की गई थी, जिस पर अध्यक्ष से सफाई मांगी गई। इस पर याची ने 24 मार्च 22 को आरोपों के साक्ष्य सहित दस्तावेज मांगे ताकि सफाई दे सके। 14 जून 22 को एडीएम मुजफ्फरनगर ने दस्तावेजी साक्ष्य दिए और जवाब मांगा। तभी याची ने जवाब डाक से भेजा, जिसके सबूत दिए। लेकिन सरकार का कहना था कि जवाब नहीं दिया। जबकि जवाब डाक विभाग को प्राप्त हो चुका है।
नए सिरे से होगी कार्रवाई
इसके बाद इसी मामले में सरकार की तरफ से कहा गया कि गंभीर आरोप है और केवल वित्तीय अधिकार छीना गया है। प्रशासनिक अधिकार नहीं। नए सिरे से आदेश जारी करने के लिए प्रकरण वापस किया जाए। इस पर हाईकोर्ट ने आदेश रद्द कर नए सिरे से कार्यवाही करने का निर्देश दिया है।