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वायरल गर्ल मोनालिसा से शादी कर बुरा फंसा फरहान, केरल में हुई शादी का काला सच, नाबालिग निकली लड़की

महाकुंभ 2025 में वायरल हुई मोनालिसा भोंसले की शादी विवादों में है। शादी के समय वह नाबालिग थी।

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वायरल गर्ल मोनालिसा की शादी पर बड़ा खुलासा

वायरल गर्ल मोनालिसा की शादी पर बड़ा खुलासा Source- Instagram

Kumbh Viral Girl Monalisa News: महाकुंभ 2025 में रुद्राक्ष की माला बेचते हुए वायरल हुई मोनालिसा भोंसले की शादी अब बड़े विवाद में फंस गई है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। शादी के समय लड़की को बालिग बताकर विवाह कराया गया, लेकिन वह नाबालिग है। जांच के अनुसार, शादी के वक्त मोनालिसा की उम्र सिर्फ 16 साल 2 महीने थी।

लड़की नाबालिग निकली

जांच में पता चला कि मोनालिसा का जन्म 30 दिसंबर 2009 को हुआ था। 11 मार्च 2026 को केरल में हुई शादी के समय वह नाबालिग थी। महेश्वर नगर पालिका से जारी एक फर्जी जन्म प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करके केरल के पूवर गांव में शादी का पंजीकरण कराया गया। अब इस फर्जी पंजीकरण को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

महेश्वर थाने में FIR दर्ज

मध्य प्रदेश के महेश्वर थाने में आरोपी फरमान खान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और एट्रोसिटी एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई है। मोनालिसा के पिता ने शिकायत की कि फरमान ने उनकी बेटी को फिल्म स्टार बनाने का लालच देकर केरल ले गया और बहलाकर शादी कर ली। पिता के मुताबिक, शूटिंग के दौरान फरमान से संपर्क हुआ। आरोपी ने बेटी को 'कर्नल' का रोल दिलाने और करोड़ों रुपये कमाने का झांसा दिया। फरमान ने खुद इंदौर से केरल तक फ्लाइट के टिकट बुक कराए थे।

NCST की जांच और बड़े खुलासे

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में जांच हुई। आयोग की टीम ने महेश्वर अस्पताल के रिकॉर्ड खंगाले। जांच में यह भी सामने आया कि मोनालिसा और फरमान पिछले तीन महीनों से वीआईपी होटलों में ठहर रहे थे। आयोग इस मामले को आदिवासी बच्चों की तस्करी के एंगल से भी देख रहा है। अधिवक्ता प्रथम दुबे ने आयोग के सामने केरल के सीपीआई-एम नेताओं और पीएफआई जैसे संगठनों की संभावित संलिप्तता का मुद्दा उठाया। आरोप है कि यह निकाह किसी बड़े एजेंडे का हिस्सा हो सकता है और इसके पीछे विदेशी फंडिंग की आशंका है।

दोनों राज्यों के डीजीपी दिल्ली तलब

मामले की गंभीरता देखते हुए NCST ने 22 अप्रैल 2026 को केरल और मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को दिल्ली मुख्यालय बुलाया है। आयोग ने दोनों राज्यों की पुलिस को हर तीन दिन में जांच की प्रगति रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। पीड़ित आदिवासी बेटी को न्याय दिलाने के लिए आयोग लगातार निगरानी करेगा।

फर्जी दस्तावेजों का सिंडिकेट

महेश्वर पुलिस अब शादी के पीछे सक्रिय फर्जी दस्तावेज बनाने वाले नेटवर्क और सिंडिकेट की तलाश में जुटी है। केरल पुलिस और स्थानीय राजनेताओं की भूमिका की भी जांच हो रही है।