विश्वविद्यालय परिसर में बोलना मना है, अपने अधिकार की लड़ाई लड़ना जुल्म है, विश्वविद्यालय प्रशासन से सवाल जवाब करना दंडनीय अपराध है। छात्र नेता अजय सम्राट ने कहा कि एक तरफ हम छात्र अपने पेट की आंत को निचोड़े हुए आमरण अनशन पर बैठे हैं पता नहीं विश्वविद्यालय के हुक्मरानों को नीद कैसे आ रही है।
प्रयागराज: इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ भवन पर फीस वृद्धि के विरोध में व छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर चल रहे छात्रसंघ संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में अनशन का 779वां दिन व आमरण अनशन का तीसरा दिन भी जारी रहा है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 400% फीस वृद्धि के विरोध में पांच छात्र आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। छात्रों ने कहा कि अहिंसा हमारी राष्ट्रीय नीति है और हमने हमेशा उसका अनुपालन किया है। छात्रों ने कहा कि आघोषित आपातकाल चल रहा है।
विश्वविद्यालय परिसर में बोलना मना है, अपने अधिकार की लड़ाई लड़ना जुल्म है, विश्वविद्यालय प्रशासन से सवाल जवाब करना दंडनीय अपराध है। छात्र नेता अजय सम्राट ने कहा कि एक तरफ हम छात्र अपने पेट की आंत को निचोड़े हुए आमरण अनशन पर बैठे हैं पता नहीं विश्वविद्यालय के हुक्मरानों को नीद कैसे आ रही है। अगर जल्द से जल्द फीस वृद्धि वापस नहीं हुई तो हम अपनी जान दे देंगे और उसका पूरा जिम्मेदार इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन होगा।
आगे उग्र होगा छात्रों का प्रदर्शन
छात्र नेता अजय सम्राट ने कहा कि आमरण अनशन का तीसरा दिन पूरा हो गया है। अगर विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की मांग पूरा नहीं किया तो उग्र प्रदर्शन करने के लिए छात्र मजबूर होंगे। आमरण अनशन पर बैठने वाले छात्रों में आयुष प्रियदर्शी, अभिषेक यादव, राहुल सरोज, मनजीत पटेल, गौरव गोंड शामिल है। इन छात्रों का स्वास्थ्य धीरे-धीरे खराब हो रहा है।