इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व सांसद बाहुबली उमाकांत यादव को गैंगस्टर एक्ट में सशर्त जमानत मंजूर करते हुए रिहा करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट ने दिया है। अधिवक्ता का कहना था कि याची को एक केस के गैंग चार्ट के आधार पर गैंगस्टर एक्ट के तहत फंसाया गया है।
प्रयागराज: बाहुबली उमाकांत यादव को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। इसी मामले में अपर सत्र न्यायालय ने 15 जून 2021 को जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। याची के खिलाफ आजमगढ़ के दीदारगंज थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। याची ने अपने आपराधिक इतिहास का स्पष्टीकरण दिया है।
कोर्ट ने रिहा करने का दिया आदेश
मामले में सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व सांसद बाहुबली उमाकांत यादव को गैंगस्टर एक्ट में सशर्त जमानत मंजूर करते हुए रिहा करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट ने दिया है। अधिवक्ता का कहना था कि याची को एक केस के गैंग चार्ट के आधार पर गैंगस्टर एक्ट के तहत फंसाया गया है।
बाहुबली नेता उमाकांत यादव 12 फरवरी 2021 से जेल में बंद हैं। अपर सत्र न्यायालय ने 15 जून 2021 को जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। याची के खिलाफ आजमगढ़ के दीदारगंज थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। याची ने अपने आपराधिक इतिहास का स्पष्टीकरण दिया है। 2009 के बाद कोई आपराधिक केस दर्ज नहीं किया गया है। वह कानून मानने वाला नागरिक हैं। 68 साल की उम्र में कई बीमारियों से परेशान है। उसे जमानत दी गईए तो शर्तों का पालन करेगा।
यह भी पढ़ें: ऐसा क्या हुआ कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश का नहीं हुआ पालन, अधिकारियों ने चला दिया बुलडोजर, फिर जाने क्या हुआ कोर्ट की रोकने के बावजूद आदेश का पालन नहीं किया गया। इसपर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाराजगी व्यक्त की है। इसके साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अफसरों को फटकार लगाते हुए तलब किया है।