प्रयागराज

घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बीच संगम पर आस्था का सैलाब, 4.52 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

माघ मेले के तीसरे और सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर रविवार को प्रयागराज के त्रिवेणी संगम तट पर आस्था का विशाल सैलाब उमड़ पड़ा। मेला प्रशासन के अनुसार, इस दिन 4 करोड़ 52 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र स्नान किया।
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माघ मेले के तीसरे और सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर रविवार को प्रयागराज के त्रिवेणी संगम तट पर आस्था का विशाल सैलाब उमड़ पड़ा। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर श्रद्धालुओं की इतनी भीड़ थी कि पूरा इलाका मौन का जनसमुद्र नजर आया। मेला प्रशासन के अनुसार, इस दिन 4 करोड़ 52 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र स्नान किया।

घने कोहरे और कड़ाके की ठंड में स्नान के लिए घाटों पर पहुंचे लोग

घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालु ब्रह्म मुहूर्त से ही स्नान के लिए घाटों पर पहुंचने लगे। साधु-संतों के साथ आम श्रद्धालु भी लगातार आस्था की डुबकी लगाते रहे। जैसे-जैसे दिन चढ़ा और धूप निकली, भीड़ और बढ़ती गई। करीब सुबह 11 बजे हेलिकॉप्टर से श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा भी की गई, जिससे माहौल और भक्तिमय हो गया।

करोड़ों लोग कर चुके थे स्नान

संगम समेत मेला क्षेत्र के 24 घाटों पर शनिवार से शुरू हुआ स्नान रविवार तक चलता रहा। संगम नोज, दशाश्वमेध घाट, राम घाट, काली घाट, कल्पवासी घाट के अलावा अरैल, झूंसी और फाफामऊ घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। शाम चार बजे तक ही 3.80 करोड़ से ज्यादा लोग स्नान कर चुके थे, जबकि प्रशासन का अनुमान था कि यह संख्या पांच करोड़ के पार जा सकती है।

निगरानी के लिए 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरे

मौनी अमावस्या से एक दिन पहले, यानी शनिवार को भी करीब डेढ़ करोड़ श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके थे। मौनी अमावस्या के दिन संगम नोज पर सबसे अधिक भीड़ रही। हालात पर नजर रखने के लिए जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारी मेला क्षेत्र में लगातार भ्रमण करते रहे।

सुरक्षा और व्यवस्था को देखते हुए 800 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले माघ मेले के सात सेक्टरों में विशेष इंतजाम किए गए थे। करीब 10 हजार पुलिसकर्मी, पीएसी, आरएएफ और सादी वर्दी में खुफिया जवान तैनात किए गए। स्नान घाटों पर जल पुलिस, गोताखोर और गहरे पानी में बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई। मेले की निगरानी के लिए 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और एआई तकनीक वाले कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा एटीएस, बीडीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी सक्रिय रहीं। मेला क्षेत्र में बने कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी की जा रही थी।

Updated on:
18 Jan 2026 11:32 pm
Published on:
18 Jan 2026 11:32 pm