प्रयागराज

वकील ने कार में की बहस तो नाराज हो गई कोर्ट, हाईकोर्ट ने जारी की गाइडलाइन

हाईकोर्ट ने कहा यह बेडरूम नहीं न्यायालय की गरिमा का ध्यान रखें वकील अपने चेंबर या फिर घर की साफ सुथरी जगह से करें वर्चुअल संवाद

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High Court order

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
इलाहाबाद ( Allahabad High Court ) कोरोना संक्रमण को देखते हुए इन दिनों न्यायालय में ऑनलाइन मामले सुने जा रहे हैं। ऑनलाइन सुनवाई में हर दिन वकीलों के नए-नए कारनामें सामने आ रहे हैं। अब नया मामला इलाहाबाद न्यायालय (Allahabad High Court ) का है जहां एक वकील अपनी कार से ही बहस में शामिल हो गए। वकील का यह ढंग अदालत को अच्छा नहीं लगा। इस पर न्यायालय नाराज हो गया और वर्चुअल संवाद में शामिल होने के लिए वकीलों के लिए गाइडलाइन जारी कर दी।

हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार को एक शॉर्ट नोटिस जारी करते हुए 48 घंटे के भीतर इन नियमों का सख्ती से पालन कराए जाने और सभी नियमों को बार एसोसिएशन को भेजने के लिए कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी की अदालत से जारी किए गए हैं। दरअसल राहुल चतुर्वेदी की अदालत में सोनू समेत अन्य की जमानत अर्जी के लिए बहस की जा रही थी। इस दौरान सोनू के वकील कार में ही बैठकर बहस में शामिल हो गए। इस पर न्यायालय ने नसीहत दी और कहा कि वकील मर्यादा का पालन नहीं कर रहे हैं बार-बार कहने के बावजूद वर्चुअल सुनवाई में किसी भी तरह शामिल हो जा रहे हैं। जबकि उन्हें न्यायालय की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए, उनका पहनावा भी ठीक होना चाहिए। अब कोर्ट ने कहा है कि ऑनलाइन समाज में वकील अपने चेंबर या फिर घर के साफ-सुथरे हिस्से से ही शामिल हो सकते हैं। अदालत ने वकीलों को नसीहत देते हुए यह भी कहा है कि वर्चुअल समाज में शामिल होते समय वह कोर्ट की प्रक्रिया में शामिल हो रहे हैं ना कि अपने घर के बेडरूम में हैं।

इसलिए उन्हें ड्रेस कोड को भी ध्यान में रखना होगा और कोर्ट की ओर से जो छूट वकीलों को मिली है उसका नाजायज फायदा नहीं उठाएंगे। अंत में कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर वकील इन नियमों का पालन नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल को यह आदेश जारी करते हुए इनका सख्ती से पालन कराए जाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने यह भी कहा है कि वकीलों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि इन दिनों पूरा देश और दुनिया एक महामारी से लड़ रहे हैं। अदालतों के समक्ष अगर वकीलों को हाजिर होने में छूट दी गई है तो वह आराम करने के लिए नहीं बल्कि एक विशेष वजह से दी गई है ताकि खतरा कम रह सके लेकिन इसका गलत फायदा वकीलों को नहीं उठाना चाहिए।

Updated on:
05 Jul 2021 05:18 pm
Published on:
05 Jul 2021 05:17 pm
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