जिला पंचायत चुनाव में हार के बाद मंथन शुरू सपा ने जिलों से मांगी रिपोर्ट, रालोद ने की कार्रवाई

यूपी जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में करारी हार मिलने के बाद समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) अब हार के कारणों की समीक्षा कर रहे हैं।। सपा अध्यक्ष ने जिला महासचिवों से उम्मीदवारों के हार का कारण बताते हुए सात जुलाई तक रिपोर्ट मांगी है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने इस संबंध में पत्र जारी किया है।

By: Karishma Lalwani

Published: 05 Jul 2021, 04:27 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

लखनऊ. यूपी जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में करारी हार मिलने के बाद समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) अब हार के कारणों की समीक्षा कर रहे हैं।। सपा अध्यक्ष ने जिला महासचिवों से उम्मीदवारों के हार का कारण बताते हुए सात जुलाई तक रिपोर्ट मांगी है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने इस संबंध में पत्र जारी किया है। पत्र जारी कर उन्होंने जिलों के जिलाध्यक्षों और जिला महासचिव से रिपोर्ट मांगी है, जहां सपा या गठबंधन के प्रत्याशी की हार हुई है। जिला अध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष और जिला महासचिवों से हार के कारण पूछे गए हैं।

यूपी में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। भाजपा को 75 में से 67 सीटों पर जीत मिली है। जबकि अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी को सिर्फ पांच सीटों पर मिली जीत से ही संतोष करना पड़ा। जिला पंचायत सदस्यों में सपा सबसे आगे थी। उनके 10 सदस्य जीते थे, जबकि भाजपा के सात सदस्यों ने जीत हासिल की थी। नौ निर्दलीयों में भी सपा से बगावत कर मैदान में उतरने वालों की संख्या अधिक थी। ऐसे में सदस्यों की अधिक संख्या होने के कारण सपा खेमे में पूरा विश्वास था कि वह जीत जाएंगे। मगर उम्मीद के विपरीत नतीजे आने पर सपा में मायूसी छाई है। वहीं, इस हार के लिए सपा के ही कुछ नेता सामने आए हैं। माना गया है कि सदस्यों की सौदेबाजी 25 लाख से अधिक रुपये में हुई है। साथ ही एक कार भी तय हुई है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि अगर सही समय पर इन भितरघातियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में ये नासूर बन सकते हैं।

रालोद ने की कार्रवाई, हटाए जिलाध्यक्ष

पश्चिमी यूपी में राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने जिला पंचायत चुनाव में हार का सामना करने के बाद पार्टी खेमे में बड़ा फेरबदल किया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन जिलों में रालोद के जिलाध्यक्षों को हटा दिया है। रालोद ने मुजफ्फरनगर, बिजनौर व शामली में वर्तमान जिलाध्यक्षों को हटाकर नए जिलाध्यक्ष नियुक्त किए हैं।

मुजफ्फरनगर में अजीत राठी पर गाज गिरी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने उन्हें जिला अध्यक्ष पद से हटाकर प्रभात तोमर को नया जिला अध्यक्ष नियुक्त किया है। प्रभात तोमर ने जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव में भाजपा के डा. वीरपाल निर्वाल को कड़ी टक्कर दी थी। हालांकि इस चुनाव में जीत डॉ. वीरपाल निर्वाल की ही हुई, जिसके विरोध में रालोद ने धरना प्रदर्शन भी किया था। प्रभात तोमर ने भी कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसी सब घटनाक्रम के चलते रालोद ने उन्हें अहमियत दी है। जिला अध्यक्ष चुने गए प्रभात तोमर ने कहा कि जयंत चौधरी ने जो जिम्मेदारी दी है, उसका निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन किया जाएगा। सभी को साथ लेकर चौधरी चरण सिंह व चौ. अजित सिंह की विचारधारा जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा। साथ ही किसान, मजदूर के हितों की लड़ाई लड़ी जाएगी।

मुजफ्फरनगर के अलावा शामली में भी रालोद ने जिलाध्यक्ष योगेंद्र चेयरमैन को हटा दिया। शामली में अब रालोद के नए जिलाध्यक्ष मुकेश सैनी होंगे। इसी तरह बिजनौर में रालोद जिलाध्यक्ष राहुल सिंह को भी हटाकर अली अदनान को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

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Karishma Lalwani
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