प्रयागराज

हाईकोर्ट परिसर में मुंशी और वादकारियों के प्रवेश पर लगा रोक, जाने वर्चुअल सुनवाई की गाइडलाइंस

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वर्चुअल सुनवाई की गाइडलाइंस जारी की है। कोर्ट ने गाइडलाइंस जारी करते हुए जानकारी दी है कि न्यायालय परिसर में अधिवक्ता,मुंशी और वादकारियों को प्रवेश की अनुमति नहीं है। जिसके तहत तीन जनवरी से शुरू होने वाली वर्चुअल सुनवाई के दौरान पहले से दाखिल मुकद्दमे भी कोर्ट में पेश किए जायेंगे। साथ ही आन लाइन के साथ व्यक्तिगत कार्यालय आकर मुकद्दमे दाखिल किए जा सकेंगे। इसके लिए परिसर के बाहर काउंटर खोले जायेंगे।
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Updated: 3 Jan 2022, 10:40 PM IST
हाईकोर्ट परिसर में मुंशी और वादकारियों के प्रवेश पर लगा रोक, जाने वर्चुअल सुनवाई की गाइडलाइंस
हाईकोर्ट परिसर में मुंशी और वादकारियों के प्रवेश पर लगा रोक, जाने वर्चुअल सुनवाई की गाइडलाइंस

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वर्चुअल सुनवाई की गाइडलाइंस जारी की है। कोर्ट ने गाइडलाइंस जारी करते हुए जानकारी दी है कि न्यायालय परिसर में अधिवक्ता,मुंशी और वादकारियों को प्रवेश की अनुमति नहीं है। जिसके तहत तीन जनवरी से शुरू होने वाली वर्चुअल सुनवाई के दौरान पहले से दाखिल मुकद्दमे भी कोर्ट में पेश किए जायेंगे। साथ ही आन लाइन के साथ व्यक्तिगत कार्यालय आकर मुकद्दमे दाखिल किए जा सकेंगे। इसके लिए परिसर के बाहर काउंटर खोले जायेंगे।

यह है दाखिल का समय

इलाहाबाद हाईकोर्ट में अब मुकदमे का दाखिला अब शाम 4 बजे तक होगा। हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है जो सुबह 8 बजे से शाम 6बजे तक चालू रहेगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट की प्रधान पीठ का हेल्पलाइन नंबर 14600 और लखनऊ पीठ का हेल्पलाइन नंबर 14601है। इससे हर प्रकार की जानकारी प्राप्त की जा सकेंगी।

फिजिकल सुनवाई पर लगी रोक

3 जनवरी से फिलहाल फिजीकल सुनवाई पर रोक लगा दी गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के महाधिवक्ता कार्यालय में सभी सरकारी वकीलों को सुबह 9:30 बजे मुख्य स्थाई अधिवक्ता कार्यालय में आने का अनुरोध किया गया है ताकि सरकारी वकील सोमवार से आनलाइन बहस के लिए तैयार हो सके।

हाईकोर्ट प्रशासनिक कमेटी के सीनियर जजों ने यह फैसला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से वार्ता के बाद लखनऊ व इलाहाबाद में कोरोना के बढते केसों को देखते हुए लिया है ।

बार एसोसिएशन ने नेटवर्क की वजह से या किसी कारणवश वकील अपने केस की बहस में कनेक्ट नहीं हो पाता है तो उन केसों में कोई खिलाफ आदेश पारित न किये जाने का अनुरोध किया है। साथ ही यह भी अनुरोध किया गया है कि वकीलों को उनके चैम्बरो तक जाने की छूट दी जाए। जिन मुकदमों की सुनवाई न हो सके, उन केसों को अगले दिन रखा जाय।

चीफ जस्टिस राजेश बिन्दल की अध्यक्षता में हुई प्रशासनिक कमेटी की बैठक में लिए गए इस फैसले से बार एसोसिएशन को अवगत करा दिया गया है। जजों की कमेटी ने वकीलों को उनके चैम्बरो तक जाने के लिए बार एसोसिएशन के अनुरोध पर विचार करने का आश्वासन दिया है।

मालूम हो कि इसके पहले भी कोरोना की पहली व दूसरी लहर के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट व इसकी लखनऊ बेंच में मुकदमों की सुनवाई वर्चुअल मोड में की गई थी। देश व प्रदेश में कोरोना संक्रमण में कमी आ जाने के बाद केसों की फिजीकल सुनवाई करने की हाईकोर्ट ने अनुमति दी थी।

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