प्रयागराज

प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल की बदहाली पर हाईकोर्ट सख्त, DM सहित कई बड़े अधिकारियों को तलब किया

Prayagraj: प्रयागराज में स्थित एसआरएन हॉस्पिटल में दुर्व्यवस्थाओं को लेकर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। इस मामले में न्यायलय ने प्रयागराज के डीएम सहित कई बड़े अफसरों को तलब किया है।
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Highcourt: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्रयागराज से संबद्ध स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल की जर्जर व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई है। अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने शुक्रवार, 23 मई को दोपहर 2:30 बजे जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), अस्पताल के CMS और इंचार्ज अधीक्षक को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है।

यह आदेश डॉ. अरविंद कुमार गुप्ता द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया। अदालत ने मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल द्वारा पहले प्रस्तुत की गई ‘सुधरी हुई स्थिति’ की रिपोर्ट को अविश्वसनीय मानते हुए, 8 मई को अधिवक्ता ईशान देव गिरि और प्रभूति कांत त्रिपाठी को न्यायमित्र नियुक्त किया था।

न्यायमित्रों की ओर से प्रस्तुत अंतरिम रिपोर्ट में अस्पताल की व्यवस्था की पोल खोल दी गई। रिपोर्ट के अनुसार, एयर कंडीशनिंग सिस्टम काम नहीं कर रहा है, आवश्यक दवाओं की कमी है और मरीजों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। इन स्थितियों की पुष्टि करने के लिए कोर्ट में वीडियोग्राफी की एक पेनड्राइव भी प्रस्तुत की गई, जिसे रजिस्ट्रार जनरल को सीलबंद लिफाफे में सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है।

डॉक्टर नदारद, ऑपरेशन थियेटर में सुविधाएं नदारद
रिपोर्ट में बताया गया कि 14 मई 2025 को सुबह 9:37 बजे ऑर्थोपेडिक ओपीडी में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। ऑपरेशन थियेटर की हालत और भी दयनीय थी—वहां एनेस्थीसिया ट्रॉली, मॉनिटर, ऑपरेशन टेबल, सी-आर्म मशीन और एयर कंडीशनिंग सिस्टम जैसी बुनियादी सुविधाएं तक मौजूद नहीं थीं। दोपहर 2 बजे के बाद कोई भी ऑपरेशन होते नहीं पाया गया।

हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से अस्पताल की स्थिति पर जवाब तलब किया है। अदालत की अगली सुनवाई पर पूरे मामले में कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

Updated on:
23 May 2025 01:29 pm
Published on:
23 May 2025 01:29 pm