प्रयागराज में जमीन विवाद ने खूनी रूप लिया। बेटे ने पिता, बहन और भांजी की कुल्हाड़ी से हत्या कर शव कुएं में फेंक दिए। भाई को मारने के लिए 3 किमी तक दौड़ाया, गोली भी चलाई। पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासा सामने आया है।
प्रयागराज के मऊआइमा थाना क्षेत्र के एक गांव में हुए तिहरे हत्याकांड को लेकर चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि आरोपी मुकेश की योजना सिर्फ तीन नहीं, बल्कि चार हत्याएं करने की थी। पिता, बहन और भांजी की हत्या के बाद वह अपने भाई मुकुंद को भी मारना चाहता था।
पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी मुकेश ने इस वारदात की प्लानिंग चार दिन पहले ही कर ली थी। जमीन और मकान पर कब्जे की लालच में उसने अपने ही परिवार को रास्ते से हटाने का फैसला किया। पिता रामवीर सिंह अपनी बेटी साधना की शादी की तैयारी कर रहे थे। और इसके लिए खेती का कुछ हिस्सा बेचने की बात चल रही थी। बची हुई जमीन और मकान छोटे बेटे मुकुंद को मिलने वाली थी। यही बात मुकेश को नागवार गुजर रही थी।
प्लान के तहत मुकेश ने चार दिन पहले अपने तीनों बच्चों को साढ़ू के घर छोड़ दिया। आमतौर पर वह बच्चों को अकेले कहीं नहीं जाने देता था। लेकिन इस बार उसने ऐसा किया। 2 जनवरी की रात वह छत के रास्ते घर में दाखिल हुआ। पिता रामवीर छत पर सो रहे थे। जबकि साधना और उसकी 14 वर्षीय बेटी आस्था नीचे कमरे में थीं। पहले पिता से झगड़ा हुआ। फिर उनकी गर्दन पर वार कर हत्या कर दी। शोर सुनकर साधना और आस्था आईं। जिन्हें पीछा कर नीचे मार डाला गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि तीनों की गर्दन पर सिर्फ एक-एक गहरा वार था। ज्यादा खून बहने से उनकी मौत हुई। इसके बाद शवों को कुएं में फेंक दिया गया।
इसके बाद मुकेश ने अपने भाई मुकुंद को भी मारने की कोशिश की। पत्नी प्रमिला ने बाइक के आगे बांस लगाकर उसे रोका। तभी मुकेश ने गोली चला दी। गोली मुकुंद के कंधे को छूती हुई निकल गई। खून से लथपथ मुकुंद जान बचाने के लिए करीब तीन किलोमीटर पैदल भागा। दूसरे गांव में पुआल के ढेर में छिपकर बच सका। मुकुंद का आरोप है कि इस साजिश में मुकेश की पत्नी भी शामिल हो सकती है।
पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है। गांव वालों ने बताया कि वारदात से पहले मुकेश के घर नॉनवेज बना था और 3-4 संदिग्ध लोग भी आए थे। पुलिस का कहना है कि फिलहाल जांच जारी है। हर पहलू को खंगाला जा रहा है।