
सपा सुप्रीमो की बेटी की फोटो पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का मामला (Source: Police Media Cell)
Akhilesh Yadav Social Media Controversy: समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव की फोटो पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमा गया है। इस मामले को गंभीर मानते हुए सपा नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई और तत्काल कार्रवाई की मांग की। घटना के बाद सपा एमएलसी डॉ. मानसिंह यादव ने प्रयागराज स्थित साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए संबंधित इंस्टाग्राम यूजर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक यूजर द्वारा अदिति यादव की तस्वीर का उपयोग करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। यह पोस्ट तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसके बाद सपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी नाराजगी फैल गई। पार्टी नेताओं का आरोप है कि यह केवल व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं बल्कि राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने की सुनियोजित कोशिश हो सकती है।
सपा एमएलसी डॉ. मानसिंह यादव द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर प्रयागराज साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में सोमवार देर रात एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ निम्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है.भारतीय न्याय संहिता की धारा 336(4),सूचना एवं प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम 2008 की धारा 66,धारा 66D (ऑनलाइन धोखाधड़ी/फर्जी पहचान),धारा 67 (अशोभनीय सामग्री का प्रसारण),धारा 74,इन धाराओं के तहत मामला गंभीर साइबर अपराध की श्रेणी में आता है।
साइबर क्राइम पुलिस अब संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट की तकनीकी जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार,आईपी एड्रेस ट्रैक किया जा रहा है,डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगाले जा रहे हैं। अकाउंट की लोकेशन और पहचान सुनिश्चित की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एमएलसी डॉ. मानसिंह यादव ने कहा कि सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी केवल व्यक्तिगत मर्यादा का उल्लंघन नहीं बल्कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव और पार्टी समर्थकों की छवि को धूमिल करने की साजिश प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वीकार्य हैं, लेकिन परिवार के सदस्यों को निशाना बनाना अस्वीकार्य है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपी की तत्काल पहचान कर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
घटना की जानकारी मिलते ही सपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में आक्रोश फैल गया। कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर व्यक्तिगत हमले लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ हैं। पार्टी पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि ऐसे मामलों पर सख्ती नहीं की गई तो सोशल मीडिया का माहौल और अधिक विषाक्त हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों में भी वृद्धि देखी जा रही है। फर्जी अकाउंट बनाकर,आपत्तिजनक पोस्ट,गलत जानकारी,छवि खराब करने के प्रयास ऑनलाइन ट्रोलिंग,जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। इस तरह के मामलों में साइबर कानूनों के तहत कठोर सजा का प्रावधान है।
उत्तर प्रदेश पुलिस पिछले कुछ वर्षों में साइबर अपराधों के खिलाफ काफी सक्रिय हुई है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में साइबर क्राइम थाने स्थापित किए गए हैं ताकि ऑनलाइन अपराधों की त्वरित जांच और कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से अब ऑनलाइन अपराधियों तक पहुंचना पहले की तुलना में आसान हुआ है।
प्रयागराज साइबर क्राइम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करना अपराध है,फर्जी आईडी बनाकर टिप्पणी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। शिकायत मिलने पर तुरंत जांच शुरू की जाएगी
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Published on:
03 Mar 2026 07:10 pm
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