
शिया महिलाओं ने हाथों में तस्वीरें लेकर लगाया जोरदार विरोध
Iran-Israel War: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर ने पूरी दुनिया को हिला दिया है। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में उनकी मौत हो गई। यह हमला ईरान पर बड़े पैमाने पर किया गया था, जिसमें कई महत्वपूर्ण जगहों को निशाना बनाया गया। ईरान की सरकारी मीडिया ने उनकी मौत की पुष्टि की है और 40 दिनों का शोक घोषित किया है।
खामेनेई की मौत से भारत के मुसलमानों में गहरा गम और गुस्सा दोनों देखने को मिल रहा है। खासकर शिया समुदाय में यह खबर बहुत बुरा असर डाल रही है। लोग अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि यह हमला कायराना था और धोखे से किया गया। पूरे देश में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। लोग सड़कों पर उतर आए हैं और अमेरिका-इजरायल के खिलाफ नारे लगा रहे हैं।
संगम नगरी प्रयागराज में शिया समुदाय के लोगों ने बड़े पैमाने पर विरोध जताया। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हुए। उनके हाथों में पोस्टर और बैनर थे। वे जोर-जोर से नारे लगा रहे थे। प्रदर्शन में बहुत सी महिलाएं भी शामिल हुईं। महिलाओं ने खामेनेई की तस्वीरें हाथों में ली हुई थीं। कई महिलाएं रो रही थीं। महिलाओं का कहना था कि अमेरिका ने कायराना तरीके से उनके पिता की हत्या कर दी। उनकी मौत पर ऐसा लग रहा है जैसे परिवार का कोई बड़ा सदस्य चला गया हो। वे कह रही थीं कि खामेनेई उनके परिवार के मुखिया जैसे थे। इसलिए वे यहां श्रद्धांजलि देने आई हैं। महिलाओं ने पुलिस और प्रशासन से अपील की कि उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की इजाजत दी जाए।
प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की। एक मुख्य नारा था - "एक खामेनेई मारोगे, हर घर से खामेनेई निकलेगा।" लोग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ भी खूब नारे लगा रहे थे। उनका गुस्सा साफ दिख रहा था। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि अयातुल्लाह अली खामेनेई ने कभी अमेरिका की गुलामी नहीं मानी। इसलिए उन्हें धोखे से मार दिया गया। इस दौरान युद्ध में मारे गए अन्य लोगों को भी श्रद्धांजलि दी गई।
Published on:
03 Mar 2026 11:01 am
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