कहा प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था के जरुरी निर्देश जारी
प्रयागराज। दीपावली का उत्सव मनाने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या अपने गृह जनपद प्रयागराज पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं व समर्थकों से मुलाकात की। वही राम मंदिर सहित महाराष्ट्र की सियासत में चल रही उठापटक के बीच मीडिया ने केशव प्रसाद मौर्या से बात की। बता दें कि केशव प्रसाद मौर्य महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के चुनाव सह प्रभारी बनाए गए थे।
दोनों दलों के रिश्ते बेहतर
महाराष्ट्र चुनाव के बाद भाजपा और शिवसेना में उभरे मतभेदों को लेकर केशव प्रसाद मौर्य ने साफ कहा कि शिवसेना के साथ भारतीय जनता पार्टी के रिश्ते पहले भी बेहतर थे, आज भी बेहतर है । भाजपा और शिवसेना के मतभेद की खबर मीडिया के द्वारा चलाई जा रही है। इसमें सच्चाई बिल्कुल नहीं है। वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद पर शिवसेना के साथ मची रार के बीच दोनों दलों के शीर्ष नेताओं का राज्यपाल से अलग-अलग मिलने पर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा यह एक सामान्य प्रक्रिया है। इसमें किसी भी तरह का कोई विवाद नहीं है।
एनसीपी से समर्थन की खबर काल्पनिक
केशव प्रसाद ने मीडिया की उन खबरों का भी खंडन किया जिसमें कहा गया है कि एनसीपी के साथ भाजपा सरकार बना सकती है उन्होंने साफ किया कि यह सवाल काल्पनिक है इसमें कोई सच्चाई नहीं है।केशव मौर्य ने कहा कि दोनों दलों के बीच तनाव की बातें सिर्फ मीडिया की देन है। वह पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा कि जनता ने फडणवीस की अगुवाई में पांच साल के हुए काम के आधार पर पार्टी को बहुमत दिया है।शिवसेना और भाजपा दोनों मिलकर सरकार बनाएंगे। वहीं उन्होंने कहा कि शिवसेना से बात नहीं बनने पर शरद पवार की एनसीपी के समर्थन लेने के सवाल पर उन्होंने इसे सिर्फ काल्पनिक और मनगढ़ंत बताया है। हालांकि उन्होंने एनसीपी के समर्थन से इंकार नहीं किया। सिर्फ काल्पनिक बताते हुए सवाल को टाल दिया।
अदालत के फैसले का सम्मान करें
वही राम मंदिर अयोध्या के फैसले को लेकर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में शांति व्यवस्था और सुरक्षा कायम रखने के लिए सरकार ने सभी जरूरी कदम उठाए हैं। जिले के अफसरों को पीस कमेटी व संभ्रांत नागरिकों के साथ बैठक करने के लिए आदेश दे दिया गया है। उन्होंने कहा की किसी भी तरह के अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए । सभी को हाईकोर्ट की तरह इस बार भी सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का सम्मान करना चाहिए । कहा कि अदालत का फैसला आने तक सभी को विवादित टिप्पणी से बचना चाहिए । प्रदेश में शांति और भाईचारा कायम रखने के लिए सहयोग करना चाहिए।