प्रयागराज

Mahakumbh 2025: महाकुंभ में स्वागत करेंगे ऐरावत और 14 रत्न, देवलोक की होगी अनुभूति

Mahakumbh 2025: इस बार का महाकुंभ दिव्य और भव्य होने वाला है। कुंभ मेले में श्रद्धालुओं को देवलोक का एहसास कराने के लिए पौराणिक तोरण द्वार तैयार करवाया जा रहा है।
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Mahakumbh 2025: पूरी दुनिया का स्वागत करने के लिए तीर्थों के राजा तीर्थराज प्रयागराज तैयार हैं। महाकुंभ नगर में प्रवेश करते ही समुद्र मंथन के 14 रत्न सभी श्रद्धालुओं का वंदन करेंगे। जैसे ही आगे बढ़ेंगे शिव शंभु का विशाल डमरू दिखेगा। इसके साथ ही कच्छप, समुद्र मंथन और नंदी द्वार भी श्रद्धालुओं का स्वागत करेंगे। महाकुंभ नगर में 30 पौराणिक तोरण द्वार बनाए जा रहे हैं, जो श्रद्धालुओं को देवलोक की अनुभूति कराएंगे।

श्रद्धालु महसूस करेंगे एक अलग दुनिया का अहसास

महाकुंभ नगर में श्रद्धालुओं को बहुत ही मनोहारी दृश्य दिखाई पड़ेगा। यहां की पौराणिकता आने वाले श्रद्धालुओं को दिव्यता से भर देगी। सबसे पहले मेला क्षेत्र में एंट्री करते ही 14 रत्न स्वागत करने के लिए तत्पर दिखाई पड़ेंगे। इसमें ऐरावत, कामधेनु गाय, घोड़ा, कौस्तुभ मणि, कल्पवृक्ष, रंभा अप्सरा, महालक्ष्मी, चंद्रमा, शारंग धनुष, शंख, धन्वंतरि, अमृत आदि शामिल हैं।

विशालकाय डमरू बनाने में जुटे कारीगर

इसके बाद नंदी द्वार और भोले भंडारी का विशालकाय डमरू नजर आएगा, जिसकी लंबाई 100 फीट और ऊंचाई लगभग 50 फीट से भी अधिक है। इस विशालकाय डमरू को बनाने में बड़ी संख्या में कारीगर जुटे हैं। इसके अलावा समुद्र मंथन द्वार और कच्छप द्वार समेत 30 विशेष तोरण द्वार श्रद्धालुओं को पौराणिकता की अनुभूति करा रहे हैं।

Updated on:
08 Jan 2025 11:15 am
Published on:
08 Jan 2025 11:14 am
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