
इस तस्वीर में संतोष अपनी पत्नी के साथ हैं।
स्थान: प्रयागराज, समय: सुबह के करीब 8 बजे थे। मऊआइमा थाना क्षेत्र के बादलपुर गांव में रोज की तरह लोग अपने-अपने काम में लगे थे। बच्चे घरों के बाहर खेल रहे थे। तभी गांव की एक गली से अचानक चीख-पुकार की आवाज आने लगी। शोर सुनकर आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे, तो सामने का दृश्य देखकर उनके कदम ठिठक गए। जमीन पर खून फैला था। बीच आंगन में संतोष विश्वकर्मा का शव पड़ा था और उसका सिर धड़ से अलग था। पास ही उसकी पत्नी अर्चना घायल हालत में रो रही थी।
गांव के लोगों के मुताबिक, संतोष शनिवार सुबह ही मुंबई से घर लौटा था। वह मुंबई में फर्नीचर का काम करता था। सीधा-सादा आदमी था। चार भाइयों के हिस्से में कुल मिलाकर सिर्फ चार विश्वा जमीन थी। बंटवारे को लेकर परिवार में जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
गांव वालों ने बताया कि अशोक और विनोद मकान की नींव के लिए गड्ढा खुदवा रहे थे। तभी संतोष ने कहा कि पहले जमीन का बंटवारा हो जाए, उसके बाद निर्माण कराया जाए। इसी बात पर कहासुनी शुरू हो गई और छोटे भाइयों ने संतोष पर हमला कर दिया।
बादलपुर के 40 वर्षीय संतोष कुमार विश्वकर्मा मुंबई में फर्नीचर का काम करते थे। परिवार में चार भाई थे- संतोष, अशोक, विनोद और मनोज। पुश्तैनी जमीन करीब 4 विश्वा थी, जिसमें सभी भाइयों का हिस्सा था। जमीन के बंटवारे को लेकर करीब एक साल से विवाद चल रहा था। मृतक संतोष की पत्नी अर्चना के अनुसार, लगभग एक साल से जमीन के बंटवारे को लेकर घर में विवाद चल रहा था। संतोष का का कहना था कि पहले जमीन का विधिवत बंटवारा हो, उसके बाद ही कोई भाई निर्माण कार्य शुरू करे। इस मामले में गांव में कई बार पंचायत भी बुलाई गई, लेकिन विवाद का कोई हल नहीं निकल सका।
शनिवार की सुबह करीब 7 बजे संतोष विश्वकर्मा मुंबई से अपने घर बादलपुर पहुंचा। जैसे ही वह घर के अंदर दाखिल हुआ, उसने देखा कि अशोक और विनोद मकान बनाने के लिए गड्ढा खुदवा रहे हैं। संतोष ने उन्हें फिर से टोका और कहा कि पहले जमीन का बंटवारा कर लो, उसके बाद निर्माण शुरू करना। इस पर अशोक और विनोद ने गाली-गलौज शुरू कर दी।
अर्चना के अनुसार, संतोष को कुछ समझने का मौका भी नहीं मिला। दोनों ने पास में रखी कुल्हाड़ी उठाई और संतोष पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। इस हमले में संतोष का सिर धड़ से अलग हो गया। जब मैंने अपने पति को बचाने के लिए बीच-बचाव की कोशिश की, तो आरोपियों ने मुझ पर भी हमला कर दिया।
पुलिस के घायल अर्चना को अस्पताल में भर्ती कराया है। शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अस्पताल में भर्ती संतोष की पत्नी अर्चना की तहरीर के आधार पर पांच नामजद आरोपियों के विरुद्ध मऊआइमा थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
गांव वालों के मुताबिक, संतोष की पहली शादी 1995 में हुई थी, लेकिन बाद में उनकी पहली पत्नी घर छोड़कर चली गई थी। इसके बाद उन्होंने 2011 में अर्चना से दूसरी शादी की। संतोष के दो छोटे बेटे हैं। पुलिस ने अर्चना की शिकायत पर पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों में अशोक कुमार विश्वकर्मा, विनोद कुमार विश्वकर्मा, दोनों की पत्नियां और अशोक का बेटा रोहित शामिल हैं। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
Updated on:
30 May 2026, 2:17 PM IST
Published on:
23 May 2026, 10:49 PM IST
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