Mahakumbh accident in prayagraj: प्रयागराज महाकुंभ में 29 जनवरी को हुई भगदड़ की जांच न्यायिक आयोग ने शुरू कर दी है। इस आयोग में रिटायर्ड जज हर्ष कुमार, पूर्व डीजी वीके गुप्ता और रिटायर्ड आईएएस डीके सिंह शामिल हैं। शुक्रवार को आयोग की टीम ने संगम के घटनास्थल का निरीक्षण किया, और मेला में लगे अधिकारियों से कई तीखे सवाल भी किए गए।
Mahakumbh accident: 29 जनवरी मौनी अमावस्या को महाकुंभ में हुई भगदड़ की घटना ने सभी को झकझोर दिया। इस घटना मंजर ने लाखों श्रद्धांलुओं को विचलित किया। हालांकि शुक्रवार को न्यायिक आयोग की टीम मामले की जांच करने प्रयागराज पहुंची। आयोग की टीम ने सर्किट हाउस में बैठक की। इसमें कमिश्नर प्रयागराज विजय विश्वास पंत, मेला अधिकारी विजय किरन आनंद, एडीजी प्रयागराज जोन भानु भास्कर, डीआईजी वैभव कृष्ण के साथ ही पुलिस के अन्य अफसर शामिल हुए। सूत्रों ने बताया कि मेला से जुड़े अधिकारी आयोग के कई सवालों का सही जवाब नहीं दे पाए। इस पर आयोग ने कहा कि अगर सब ठीक था तो भगदड़ कैसे हुई?
भगदड़ में घायलों से मिला आयोग
मौनी अमावस्या के दिन महाकुंभ में हुई भगदड़ की जांच करने पहुंचने न्यायिक आयोग के अधिकारियों ने अस्पताल जाकर वहां भगदड़ में घायल श्रद्धालुओं से मुलाकात की। इस दौरान घरों से घटना के परिपेक्ष में कई जानकारी भी ली गई।
आयोग के 4 बड़े सवाल, जिनका नहीं मिला सही जवाब
न्यायिक आयोग की टीम ने मेला के अधिकारियों से सवाल किया कि जब आपको पता था कि इतनी ज्यादा संख्या में भीड़ आने वाली है तो सुरक्षा के इंतजाम क्या किए थे? दूसरा और बड़ा सवाल यह था कि यह घटना संगम क्षेत्र के अलावा और कहां-कहां हुई? तीसरा सवाल, मीडिया में जो वीडियो वायरल हो रहे हैं, उनकी क्या हकीकत है? क्या झूंसी में भी कोई घटना हुई है?चौथा प्रश्न था कि सभी घटनाओं के सीसीटीवी फुटेज दिखाइए। भीड़ कंट्रोल के लिए बनाई प्लानिंग का विवरण बताइए। सूत्र द्वारा बताया जा रहा है कि मेले के अधिकारी इन सभी सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।