Chidanand Saraswati on Mahakumbh: महाकुंभ में हुए भगदड़ के बाद प्रयागराज में परमार्थ निकेतन के संत चिंदनाद सरस्वती जी महाराज ने सरकार से अपील की है कि श्रद्धालुओं को आराम करने के लिए प्रयागराज के सभी विद्यालय-विश्वविद्यालय खोल दिए जाएं। आइए बताते हैं उन्होंने क्या कहा ?
Chidanand Saraswati on Mahakumbh Stampede 2025: महाकुंभ में भगदड़ के बाद आध्यात्मिक गुरु, संत और परमार्थ निकेतन आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज ने सरकार से अपील किया है कि श्रद्धालुओं के आराम के लिए प्रयागराज के सभी विद्यालय और विश्वविद्यालय खोल दिए जाएं। ताकि, भक्त वहां कुछ देर तक आराम कर सकें।
महाकुंभ में मची भगदड़ पर परमार्थ निकेतन आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि 'मौनी अमावस्या के दिन एक घटना घटी। सारी व्यवस्थाएं थीं लेकिन कुछ लोगों की गलती के कारण जिन्होंने प्रशासन की बात नहीं मानी और बैरिकेडिंग को नजरअंदाज कर दिया। उससे भगदड़ की घटना हुई।
चिदानंद सरस्वती ने आगे कहा कि हम लोगों के निधन पर शोक व्यक्त कर रहे हैं। पूरा देश, प्रदेश और संत समाज शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ा है। पीएम मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ और पूरी टीम व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने में जुटी है।
चिदानंद सरस्वती ने कहा कि सभी स्कूल, कॉलेज और अस्पताल खोल दिए जाने चाहिए ताकि जब लोग पैदल चलते-चलते थक जाएं तो उन्हें कुछ देर बैठने और आराम करने की जगह मिल जाए। मानसरोवर की यात्रा 52 किलोमीटर है, देखिए यात्रा वृन्दावन, वैष्णो देवी, बद्रीनाथ और केदारनाथ तक हर यात्रा में पैदल ही जाना पड़ता है इसलिए हमें इस बात पर ध्यान नहीं देना चाहिए कि हमें पैदल ही जाना पड़ रहा है।