
प्रयागराज। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का विरोध प्रयागराज में एक बार फ़िर से शुरू हो गया है। देर रात शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी। वहीं इतनी बड़ी तादात में महिलाएं मंसूर अली पार्क में एकत्रित हुई इसकी भनक किसी को नहीं लगी। दरअसल नागरिकता संशोधन कानून बिल देश भर में लागू हो गया है। रविवार के दिन में जहां भाजपा ने सीएए के समर्थन में तिरंगा यात्रा निकाली तो वहीं रात में बड़ी संख्या में महिलाएं शहर के पुराने इलाके में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गईं। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है क़ी सरकार जब तक यह कानून वापस नहीं ले लेती तब तक यह प्रदर्शन यहां पर ज़ारी रहेगा। हाथों में तिरंगा लिए गारों से महिलाओं ने जमकर आज़ादी के नारे लगायें
गौरतलब है क़ी नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में पिछले दिनों प्रयागराज में शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुआ था। प्रदेश के कई हिस्सों में हुए प्रदर्शन हिंसा में बदल गए थे लेकिन प्रयागराज में विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण था। इसी बीच लोग मानकर चल रहे थे क़ी अब शायद आगे कोई प्रदर्शन नहीं होगा। लेकिन रविवार देर शाम से शहर के पुराने इलाके क़ी महिलाएं नागरिकता संशोधन कानून के ख़िलाफ़ मंसूर अली पार्क में बैठी रही लेकिन किसी ने ध्यान नही दिया। लेकिन जैसे -जैसे रात बढती गई भीड़ भी बढती भी बढती गई। और वहां जुटी महिलायें अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गईं।
तैनात की गई भारी फ़ोर्स
महिलाओं के विरोध प्रदर्शन क़ी जानकारी जब प्रशासन को हुई तो उसके भी हांथ पांव फ़ूल गए। आनन फानन मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल क़ी तैनाती क़ी गई। मौके पर एसपी सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट भी पहुंचे उन्होने महिलाओं को समझाने क़ी कोशिश भी क़ी, लेकिन कोई भी सुनने को तैयार नहीं था। रात बढ़ते ही विरोध प्रदर्शन में महिलाओं क़ी संख्या भी बढ़ना शुरू हो गया। जो देर रात तक चलता रहा। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है क़ी हम अपने ही देश में रहने का प्रमाण नहीं दे सकते। महिलाओं ने कहा कि अपने ही वतन में हम अपना कागज क्यों दिखाएं। महिलाओं ने कहा कि हमारे पुरखे इस वतन पर तिरंगा लेकर शहीद हो गए और हमें खुद का सबूत देना पड़ेगा, यह हम नहीं देंगे।
सक्रीय हुए राजनितिक दल
देर रात जो भी मंसूर अली पार्क पहुंच रहा था लोगों के खाने-पीने का सामान लेकर आकर था । देर रात विरोध प्रदर्शन के दौरान मंसूर अली पार्क में नमाज पढ़ी गई । घर से छोटे बच्चों को गोद में लेकर महिलाएं प्रदर्शन में शामिल हुई सभी के हाथों में तिरंगा था। विरोध प्रदर्शन की खबर जैसे सोशल मिडिया पर आई राजनितिक दलों के लोग भी सक्रीय हो गये। इविवि की पूर्व अध्यक्ष सपा नेता ऋचा सिंह सहित बामपंथी छात्र संगठन के नेता पार्क में पंहुच कर विरोध प्रदर्शन के समर्थन में भाषण दिया। ऋचा ने कहा की आज़ देश में और भी मुद्दे हैं ज़रूरी है क़ी सरकार क़ी नज़र उन पर जाए। देश में धर्मों के बीच नफ़रत भरी सियासत बन्द होनी चाहिए। सरकार एनपीआर और एनआरसी को जब तक वापस नहीं लेती है तब तक यह धरना यहां पर ज़ारी रहेगा।