बीते नवंबर में चुनार रेलवे स्टेशन पर एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां कालका एक्सप्रेस की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस घटना के बाद रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक अहम फैसला लिया।
बीते नवंबर में चुनार रेलवे स्टेशन पर एक दुखद हादसा हुआ था, जब कालका एक्सप्रेस की चपेट में आने से एक व्यक्ति की जान चली गई। इस घटना के बाद रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक अहम फैसला लिया है।
अब छोटे रेलवे स्टेशनों पर भी तेज रफ्तार से बिना रुके गुजरने वाली ट्रेनों की पहले से जानकारी दी जाएगी। इन ट्रेनों को ‘रन-थ्रू’ ट्रेन कहा जाता है। यात्रियों को यह सूचना हिंदी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में दी जाएगी। उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल ने इस नई व्यवस्था को प्रयाग, फाफामऊ, थरवई, मऊआइमा जैसे छोटे स्टेशनों पर लागू कर दिया है।
अक्सर छोटे स्टेशनों पर ट्रेनें बिना रुके ही निकल जाती हैं। ऐसे में कई बार यात्री प्लेटफॉर्म के बहुत पास खड़े हो जाते हैं या जल्दबाजी में रेलवे ट्रैक पार करने लगते हैं, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है। नई व्यवस्था के तहत ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचने से कुछ मिनट पहले लाउडस्पीकर पर रिकॉर्ड की गई घोषणा सुनाई जाएगी। इसमें यात्रियों को सतर्क रहने, ट्रैक पार न करने, प्लेटफॉर्म के किनारे न खड़े होने और फुटओवर ब्रिज का इस्तेमाल करने जैसी सलाह दी जाएगी।
रेलवे का मानना है कि इस कदम से छोटे स्टेशनों पर होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यात्रियों की सुरक्षा बेहतर होगी।