उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण ठंडी पछुआ हवाएं मैदानी क्षेत्रों की ओर बढ़ रही हैं। इसका असर उत्तर प्रदेश में साफ दिखाई देने लगा है। खासतौर पर रात के तापमान में तेजी से गिरावट हो रही है, जिससे सुबह और देर रात कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही […]
उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण ठंडी पछुआ हवाएं मैदानी क्षेत्रों की ओर बढ़ रही हैं। इसका असर उत्तर प्रदेश में साफ दिखाई देने लगा है। खासतौर पर रात के तापमान में तेजी से गिरावट हो रही है, जिससे सुबह और देर रात कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में दिन में धूप निकल सकती है, लेकिन रात का न्यूनतम तापमान और नीचे जाएगा। इससे प्रदेश में कंपकंपी बढ़ सकती है। अनुमान है कि 14 जनवरी से तापमान में गिरावट शुरू होगी और 15 जनवरी से घने कोहरे का असर बढ़ेगा।
मौसम विभाग ने तराई क्षेत्र के 15 जिलों में घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इनमें लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, गोंडा, सीतापुर, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बाराबंकी, बस्ती, गोरखपुर, कुशीनगर और अयोध्या शामिल हैं। इन जिलों में दृश्यता बहुत कम हो सकती है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शीतलहर की चेतावनी दी गई है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली, सहारनपुर, बुलंदशहर, गाजियाबाद और हापुड़ में तेज ठंडी हवाएं चलने और न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे जाने की संभावना है।