अयोध्या को चित्रकूट से जोड़ने वाली राम वनगमन मार्ग अब तेजी के साथ बनेगा, जिसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। पांच जनवरी को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी राम वनगमन मार्ग का आधारशिला रखेंगे। रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या से चित्रकूट तक बनने वाली यह सड़क पर्यटकों के लिए फादेमंद है। अब भगवान श्रीराम के दर्शन के बाद श्रद्धालु चित्रकूट का भी दर्शन कर सकेंगे। मार्ग के निर्माण के लिए पांच को केंद्रीय मंत्री आधारशिला रखेंगे, जिसको लेकर लोक निर्माण विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है।
प्रयागराज: अयोध्या को चित्रकूट से जोड़ने वाली राम वनगमन मार्ग अब तेजी के साथ बनेगा, जिसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। पांच जनवरी को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी राम वनगमन मार्ग का आधारशिला रखेंगे। रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या से चित्रकूट तक बनने वाली यह सड़क पर्यटकों के लिए फादेमंद है। अब भगवान श्रीराम के दर्शन के बाद श्रद्धालु चित्रकूट का भी दर्शन कर सकेंगे। मार्ग के निर्माण के लिए पांच को केंद्रीय मंत्री आधारशिला रखेंगे, जिसको लेकर लोक निर्माण विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है।
यह मार्ग श्रीराम की वनगमन यतारा राम जन्मभूमि अयोध्या से शुरू होकर प्रतापगढ़, प्रयागराज, कौशांबी होते हुए चित्रकूट तक गई थी। इसी पथ को ही राम वनगमन मार्ग कहा जाता है। इसकी लंबाई करीब 180 किलोमीटर है। राम वनगमन मार्ग को पूरी तरह से तैयार करने में 3500 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
उपमुख्यमंत्री और सांसद होंगे शामिल
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के आगमन को लेकर लोक निर्माण ने तैयारी पूरी कर ली है। श्रीराम वनगमन मार्ग का शिलान्यास केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी करेंगे। केंद्रीय मंत्री स्वागत में यूपी के मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और दोनों लोकसभा सीट सांसद साथ ही विधायक उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम को लेकर नवाबगंज श्रृंगरपुर धाम में तैयारी पूरी कर ली गई है। कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद केंद्रीय मंत्री दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।