यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 को लेकर बोर्ड प्रशासन ने परीक्षार्थियों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी उत्तर पुस्तिका में रुपये पाए जाते हैं तो उस कॉपी की जांच नहीं की जाएगी और इसे परीक्षा में अनुचित साधन का प्रयोग माना जाएगा। हर परीक्षा कक्षा में कराई […]
यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 को लेकर बोर्ड प्रशासन ने परीक्षार्थियों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी उत्तर पुस्तिका में रुपये पाए जाते हैं तो उस कॉपी की जांच नहीं की जाएगी और इसे परीक्षा में अनुचित साधन का प्रयोग माना जाएगा।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि कई परीक्षार्थियों में यह गलतफहमी होती है कि उत्तर पुस्तिका में रुपये रखने से परीक्षक प्रभावित होकर उन्हें अधिक अंक दे देंगे। उन्होंने इसे पूरी तरह भ्रामक बताया। इसी वजह से परीक्षा शुरू होने से पहले जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिए गए थे कि केंद्र व्यवस्थापकों के माध्यम से हर परीक्षा कक्ष में यह घोषणा कराई जाए कि छात्र-छात्राएं उत्तर पुस्तिका में रुपये बिल्कुल न रखें।
बोर्ड के अनुसार, पिछले वर्षों में मूल्यांकन के दौरान कई ऐसी कॉपियां मिली थीं जिनमें 100, 200 या 500 रुपये तक रखे गए थे। परीक्षार्थियों ने यह सोचकर रुपये रखे थे कि इससे उन्हें ज्यादा अंक मिल सकते हैं। इस गलत प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए बोर्ड ने अब सख्त कदम उठाए हैं। परीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि यदि किसी कॉपी में रुपये मिलते हैं तो उसका मूल्यांकन न किया जाए।
बोर्ड ने यह भी कहा है कि यदि किसी उत्तर पुस्तिका में रुपये मिलते हैं तो इसे कक्ष निरीक्षक की लापरवाही भी माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित कक्ष निरीक्षक के खिलाफ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जिस परीक्षार्थी की कॉपी में रुपये पाए जाएंगे उसे फेल माना जाएगा। हालांकि ऐसे छात्र चाहें तो बाद में कंपार्टमेंट परीक्षा देकर दोबारा परीक्षा पास कर सकते हैं।