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इलाहाबाद हाई कोर्ट का मृतक आश्रित नौकरी पर बड़ा आदेश: बहु को नहीं माना पात्र, दिया यह आदेश

Allahabad High Court big order on deceased dependent jobs: इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने मृतक आश्रित की नौकरी की योग्यता रखने वाले पर आदेश दिया है, एक विधवा बहू को अनुकंपा नियुक्ति के योग्य नहीं माना और याचिका खारिज कर दी।

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फोटो सोर्स- ChatGPT

फोटो सोर्स- ChatGPT

Allahabad High Court's big order on deceased dependent jobs: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मृतक की नौकरी को लेकर के हकदार को लेकर बड़ा निर्णय दिया है। हाई कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया कि मृतक आश्रित की जगह नौकरी के लिए वही पात्रता रखता है जो मृत्यु के समय परिवार का सदस्य होगा। बाद में परिवार के सदस्य बनने वालों को इसका लाभ नहीं मिलेगा। यह निर्णय देते हुए हाईकोर्ट ने माना कि मृतक आश्रित की नौकरी कमाऊ सदस्य की मौत होने के कारण होने वाली आर्थिक स्थिति की भरपाई के लिए है। यह आदेश देते हुए एक बहू की याचिका को निरस्त कर दिया। जिसकी सास की मृत्यु हो चुकी थी।

सहायक अध्यापिका की मौत के बाद बहू ने मांगी नौकरी

उत्तर प्रदेश हाई कोर्ट, इलाहाबाद की लखनऊ बेंच, मृतक आश्रित की नौकरी के लिए आए याचिका की सुनवाई कर रहा था। जिसमें नारी शिक्षा निकेतन कॉलेज में सहायक अध्यापिका की बहू ने याचिका दाखिल की थी। अपनी याचिका में उन्होंने अपनी सास संगीता बाजपेई की मृत्यु के पश्चात 'मृत्यु अनुकंपा नियुक्ति' के लिए आवेदन किया था।‌ जिसमें उन्होंने बताया था कि उनकी शादी 15 फरवरी 2023 को निखिल के साथ हुई थी, लेकिन 4 महीने बाद, 13 मई 2023 को उनके पति निखिल की मृत्यु हो गई।

पुत्र‌ के बाद बहू की याचिका खारिज

अपनी सास संगीता बाजपेई की विधवा बहू के रूप में मृतक आश्रित कोटे से नौकरी की मांग की थी। इसके पहले निखिल ने भी अपनी मां संगीता वाजपेई की जगह अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था।‌ लेकिन उनके आवेदन को यह कह कर निरस्त कर दिया गया था कि उनके पिताजी पेंशन भोगी हैं। इसलिए अनुकंपा नियुक्ति का लाभ उन्हें नहीं मिलेगा। दरअसल, नारी शिक्षा निकेतन कॉलेज में सहायक अध्यापक के रूप में काम करने वाली संगीता बाजपेई की 23 अप्रैल 2021 को मौत हो गई थी।

लखनऊ खंडपीठ में हुई सुनवाई

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति एके चौधरी की खंडपीठ ने संगीता बाजपेई की बहू दीपिका तिवारी की अनुकंपा नौकरी की अपील को खारिज करते हुए कहा कि जिस समय संगीता वाजपेई की मृत्यु हुई थी, उस समय दीपिका तिवारी परिवार का हिस्सा नहीं थी, इसलिए अनुकंपा नियुक्ति की पात्रता नहीं रखती है। अनुकंपा नौकरी के लिए उस व्यक्ति को मौत के समय परिवार का हिस्सा होना जरूरी है। ‌