
आशुतोष महाराज ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद मामले पर दी सफाई, PC- Patrika
प्रयागराज(Ashutosh Brahmachari Video) : पिछले कई महीनों से संत समाज में चर्चा का विषय बने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और आशुतोष ब्रह्मचारी विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर गंभीर आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने एक नया वीडियो जारी कर दावा किया है कि उनके द्वारा दर्ज कराया गया मुकदमा दबाव में कराया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब जगद्गुरु रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी रामचंद्र दास के कहने पर हुआ था।
यह वही आशुतोष ब्रह्मचारी हैं जिन्होंने इस वर्ष की शुरुआत में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ प्रयागराज की अदालत में शिकायत दायर की थी। बाद में अदालत ने मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश भी दिया था, जिसके बाद यह विवाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया था।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य रहे आशुतोष ब्रह्मचारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया था कि माघ मेले के दौरान बच्चों के साथ कथित यौन शोषण जैसी घटनाएं हुईं और इस संबंध में कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। मामले ने धार्मिक जगत में बड़ी बहस छेड़ दी थी।
इसके बाद दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हुआ। अविमुक्तेश्वरानंद पक्ष ने आरोपों को निराधार बताया, जबकि उनके वकीलों ने आशुतोष ब्रह्मचारी के दावों पर सवाल उठाए।
ताजा वीडियो में आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया कि अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज कराया गया मुकदमा उनके ऊपर बनाए गए दबाव का परिणाम था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आश्रम और उत्तराधिकार से जुड़े मामलों में फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और भविष्य में वह इस पूरे प्रकरण से जुड़े और खुलासे करेंगे।
आशुतोष ने इतना ही नहीं, बल्कि रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी रामचंद्र दास पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि उनके गुरु रामभद्राचार्य के साथ कोई अनहोनी होती है तो उसकी जिम्मेदारी रामचंद्र दास की होगी।
आशुतोष के आरोपों के बाद जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने वीडियो जारी कर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें आशंका है कि उनकी और उनके उत्तराधिकारी की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। रामभद्राचार्य ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है।
अब तक उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड के अनुसार, आशुतोष ब्रह्मचारी, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और रामचंद्र दास के बीच लगाए गए अधिकांश आरोपों की स्वतंत्र या न्यायिक पुष्टि नहीं हुई है। अदालत और जांच एजेंसियों की प्रक्रियाएं अलग-अलग स्तर पर जारी हैं, लेकिन किसी भी पक्ष के दावों पर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
धार्मिक जगत के दो बड़े नामों से जुड़े इस विवाद ने संत समाज के भीतर भी हलचल पैदा कर दी है। पहले अविमुक्तेश्वरानंद पर लगाए गए आरोप और अब उन्हीं आरोपों को लेकर आशुतोष ब्रह्मचारी के बदले हुए रुख ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में जांच और कानूनी कार्रवाई की दिशा इस पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट कर सकती है।
Published on:
10 Jun 2026 09:29 pm
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