यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं बुधवार से जिले में शुरू हो गई हैं। जिले के 333 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा कराई जा रही है। पहले दिन हाईस्कूल में 93.34 प्रतिशत और इंटरमीडिएट में 93.80 प्रतिशत परीक्षार्थी उपस्थित रहे। परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने के लिए सख्त इंतजाम किए गए थे। अधिकारियों ने […]
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं बुधवार से जिले में शुरू हो गई हैं। जिले के 333 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा कराई जा रही है। पहले दिन हाईस्कूल में 93.34 प्रतिशत और इंटरमीडिएट में 93.80 प्रतिशत परीक्षार्थी उपस्थित रहे। परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने के लिए सख्त इंतजाम किए गए थे।
परीक्षा के पहले दिन डीआईओएस पीएन सिंह ने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि जिले को आठ जोन और 33 सेक्टर में बांटा गया है। हर जोन और सेक्टर में मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। इसके अलावा आठ सचल दल भी बनाए गए हैं, जो लगातार केंद्रों की निगरानी कर रहे हैं।
जिले में हाईस्कूल के 94,569 और इंटरमीडिएट के 1,01,300 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। इनमें 11 केंद्र संवेदनशील और आठ केंद्र अति संवेदनशील घोषित किए गए हैं।
प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाओं को स्ट्रांग रूम में डबल लॉक वाली अलमारी में सुरक्षित रखा गया है, ताकि कोई गड़बड़ी न हो सके। सभी परीक्षा केंद्रों की निगरानी कंट्रोल रूम से लाइव की जा रही है।
पूरे प्रदेश में परीक्षा को नकलविहीन बनाने के लिए बड़े स्तर पर व्यवस्था की गई है। इसके तहत 26,420 अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसमें जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट और सचल दल शामिल हैं।नकल रोकने के लिए प्रदेश के 8033 परीक्षा केंद्रों के 1,22,753 कमरों में करीब 2.89 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा भी है। इन कैमरों की निगरानी प्रयागराज, लखनऊ और सभी जिलों के कंट्रोल रूम से की जा रही है। बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने बताया कि इस बार 8033 स्ट्रांग रूम बनाए गए हैं। बोर्ड का उद्देश्य है कि किसी भी हालत में नकल न हो और प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाएं न हों।