उत्तर प्रदेश में बीते तीन दिनों से मानसूनी बारिश का दायरा कम होने के बाद मौसम में बदलाव का दौर शुरू हो गया है। अगले चार-पांच दिनों में प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में उमस भरी गर्मी लौटने के संकेत हैं।
उत्तर प्रदेश में बीते तीन दिनों से मानसूनी बारिश का दायरा कम होने के बाद मौसम में बदलाव का दौर शुरू हो गया है। अगले चार-पांच दिनों में प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में उमस भरी गर्मी लौटने के संकेत हैं। बारिश के थमने और धूप खिलने के कारण तापमान में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है, जिससे गर्मी ने दोबारा अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के दक्षिणी जिलों में गुरुवार को हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन अन्य हिस्सों में भारी बारिश की कोई संभावना नहीं है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इस उमस भरी गर्मी से अगले चार-पांच दिनों तक राहत मिलने की संभावना नहीं है।
बुधवार को बुंदेलखंड, आगरा मंडल और पश्चिमी तराई में मध्यम से अच्छी बारिश हुई, लेकिन इसका असर प्रदेश के अन्य हिस्सों में सीमित रहा। लखनऊ के आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, मानसूनी गतिविधियां अब मध्य भारत की ओर खिसक गई हैं, जिससे उत्तर प्रदेश में बारिश की तीव्रता में कमी आई है। वर्तमान में यूपी के अधिकांश हिस्सों में केवल छिटपुट बूंदाबांदी के आसार हैं, जबकि दक्षिणी जिलों में हल्की बारिश ही देखने को मिल सकती है।
भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर, कई राज्यों और शहरों ने छात्रों की सुरक्षा के लिए स्कूलों को बंद करने की घोषणा की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, नोएडा, गाजियाबाद, चंडीगढ़, शिमला और जम्मू-कश्मीर में गुरुवार को स्कूल बंद रहेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसूनी प्रणाली का मध्य भारत की ओर खिसकना सामान्य मौसम चक्र का हिस्सा है, लेकिन इस बदलाव के कारण प्रदेश में गर्मी और उमस बढ़ गई है। इस अवधि में लोगों को तेज धूप और उमस से बचाव के लिए घर के बाहर अनावश्यक समय बिताने से बचने की सलाह दी गई है।
इस प्रकार, उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में केवल दक्षिणी जिलों में हल्की बारिश की संभावना है, जबकि बाकी हिस्सों में गर्मी और उमस का दौर जारी रहेगा। लोगों को खुद को हाइड्रेटेड रखने और धूप से बचाव करने की आवश्यकता है, क्योंकि अगले चार-पांच दिन मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार काफी गर्म और उमस भरे रहेंगे।