प्रयागराज में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के खिलाफ छात्रों का महा आंदोलन शुरू हो गया है। आयोग पर आरोप लगाते हुए अपनी मांग पूरी करने के लिए भारी संख्या में छात्र वहां डटे हुए हैं।
UPPSC Protest: प्रयागराज में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के बाहर सोमवार से प्रतियोगी छात्रों का बड़ा आंदोलन शुरू हो गया है। आयोग की कार्यप्रणाली से नाराज अभ्यर्थी बड़ी संख्या में गेट पर एकत्र हो गए और पारदर्शिता की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हालात को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और आयोग परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। बैरिकेडिंग कर पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है।
आयोग पर छात्रों का बड़ा आरोप
आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग लगातार महत्वपूर्ण जानकारियां सार्वजनिक नहीं कर रहा, जिससे छात्रों में भ्रम और असंतोष बढ़ रहा है। खास तौर पर आरओ-एआरओ मुख्य परीक्षा के कटऑफ और प्राप्तांकों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही पीसीएस प्री-2025 परीक्षा के परिणाम में नियमों के अनुसार 15 गुना अभ्यर्थियों को सफल घोषित किए जाने की मांग भी जोर पकड़ रही है। इन्हीं मुद्दों को लेकर छात्रों ने आयोग के खिलाफ व्यापक आंदोलन का ऐलान किया है।
प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जाता, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। पहले से आंदोलन की चेतावनी के चलते प्रशासन ने आयोग के आसपास के पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या टकराव की स्थिति न बने।
इस कारण नाराज हैं अभ्यर्थी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह आंदोलन प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के बैनर तले किया जा रहा है। हाल ही में घोषित पीसीएस-2024 (प्रारंभिक) और आरओ-एआरओ 2023 (प्रारंभिक) परीक्षाओं के परिणामों को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी है। छात्रों की प्रमुख मांग है कि अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद भी आयोग को फाइनल आंसर-की जारी करनी चाहिए, ताकि अभ्यर्थी अपने उत्तरों का मूल्यांकन कर सकें।
इसके अलावा, अभ्यर्थियों का आरोप है कि कई वर्गों के कटऑफ अंक और सफल-असफल सभी उम्मीदवारों के प्राप्तांक अब तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। उनका कहना है कि जरूरी जानकारियों को छिपाना आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है।
संयुक्त प्रतियोगी छात्र हुंकार मंच के संयोजक पंकज पांडेय ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और यदि इसमें राजनीति या हिंसा का प्रवेश हुआ तो आंदोलन को तत्काल स्थगित कर दिया जाएगा। वहीं छात्रों का कहना है कि फिलहाल कुछ परीक्षाएं चल रही हैं, जैसे-जैसे परीक्षाएं समाप्त होंगी, आंदोलन में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या और बढ़ेगी।