
शनिवार रात 12 बजे से सोमवार दोपहर तक शहर सीमाओं पर प्रतिबंध, श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं पुख्ता (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
Maghi Purnima Traffic Update: माघी पूर्णिमा स्नान पर्व के मद्देनजर प्रशासन और पुलिस ने ट्रैफिक व्यवस्थाओं को सख्ती से लागू कर दिया है। शनिवार रात 12 बजे से शहर की सीमाओं पर भारी वाहनों के लिए नो-एंट्री लागू कर दी गई, और ट्रैफिक पुलिस ने कई प्रमुख मार्गों पर डायवर्जन (विकल्पी मार्ग) भी जारी किए हैं, ताकि मेले में भारी भीड़ और यातायात जाम जैसी स्थिति से निपटा जा सके। यह व्यवस्था सोमवार दोपहर 12 बजे तक लागू रहेगी। माघी पूर्णिमा स्नान प्रयागराज में माघ मेला के महत्वपूर्ण दिनों में से एक है और लाखों श्रद्धालु संगम तट पर पुण्य स्नान करने पहुंचते हैं। इस अवसर पर सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन को लेकर प्रशासन पहले से तैयारियों में लगा हुआ है।
प्रयागराज ट्रैफिक पुलिस ने बताया है कि भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक इसलिए लगाई गई है ताकि मुख्य सड़कों और मेले के आसपास के इलाकों में भीड़-भाड़ के बीच जाम और दुर्घटना जैसी स्थिति उत्पन्न न हो। जैसा कि पुलिस उपायुक्त (ट्रैफिक) ने स्पष्ट किया है, सिर्फ मेला और प्रशासनिक कार्यों से जुड़े वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति होगी, अन्य सभी को डायवर्जन मार्गों की तरफ मोड़ा जा रहा है। माघी पूर्णिमा स्नान तीर्थयात्रियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, गंगा, यमुना और काली सरस्वती के संगम स्थल पर श्रद्धालु इस दिन स्नान करते हैं, जो धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अध्यात्मिक शुद्धि का अवसर होता है।
पुलिस ने शहर की सीमाओं पर कई प्रमुख स्थानों से नो-एंट्री पॉइंट्स निर्धारित किए हैं, जहां से भारी वाहनों को सीधे अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इन प्रमुख बिंदुओं में शामिल हैं:
इन स्थानों से भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित होगा और उन्हें दिशा निर्देशों के अनुसार वैकल्पिक मार्गों पर भेजा जाएगा।
प्रयागराज पुलिस ने यह व्यवस्था इसलिए की है कि मुख्य मार्गों पर वाहनों की भीड़ न बढ़े और यातायात सुचारू रूप से चलता रहे। पुलिस की ओर से वाहनों को अलग-अलग डायवर्जन रूट दिए गए हैं ताकि भारी वाहनों से शहर की भीड़ प्रभावित न हो, Varanasi मार्ग से आने वाले वाहन,Lucknow, Kanpur, Jaunpur, Mirzapur इत्यादि रूट्स,स्थानीय भारी ट्रकों को पहले ही सीमाओं पर रोकने के निर्देश इन रूट्स पर वाहनों को सीमा से पहले ही डायवर्ट कर दिया जाएगा ताकि भीड़ वाले इलाकों तक वे न पहुँच सकें।
प्रशासन ने अनुमान लगाया है कि सिंहासन पर्व की तरह इस बार भी माघी पूर्णिमा स्नान पर भारी संख्या में श्रद्धालु संगम तट पर पहुंचेंगे, इसलिए ट्रैफिक, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। पिछले साल भी लाखों श्रद्धालु इस अवसर पर संगम में स्नान करने पहुंचे थे और पुलिस द्वारा लागू “नो व्हीकल ज़ोन” सहित विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी से व्यवस्था सुचारू ढंग से चली थी। प्रशासन के अनुसार 15,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और 32 से अधिक स्थिर सुरक्षा जांच बिंदुओं पर पैरामिलिट्री बलों और पीएसी की सहायता से भी भीड़ और ट्रैफिक नियंत्रण की योजना बनाई गई है ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित पग पथ यात्रा का अनुभव हो।
भारी वाहनों के प्रति प्रतिबंध के बावजूद प्रशासन ने कुछ अपवाद व छूट भी रखी है, केवल आपातकालीन और प्रशासनिक वाहनों को प्रवेश की अनुमति। मेला और स्नान आयोजन से जुड़े आपूर्ति वाहनों को भी सीमित अनुमति। निजी वाहन धारकों से अनुरोध कि वे पूर्वनिर्धारित पार्किंग क्षेत्रों में अपना वाहन छोड़ें और पैदल या शटल बस सेवाओं का उपयोग करें। यह व्यवस्था इसलिए है ताकि सांस्कृतिक और धार्मिक माहौल के बीच कोई दुर्घटना या जाम जैसी समस्या न हो।
यातायात पुलिस ने शहरवासियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वेनिर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें।अपनी गाड़ियों को पहले से तय पार्किंग में ही पार्क करें।बिना अनुमति वाले वाहन न लाए।उत्सव क्षेत्र में पैदल चलना प्राथमिकता दें।इससे न सिर्फ यातायात सुचारू रहेगा बल्कि मानव भीड़ के बीच किसी अप्रिय घटना की आशंका भी कम होगी।
शहर के व्यापारी, स्थानीय लोग और श्रद्धालु इस निर्णय को समझदारी भरा बताते हैं। उनका कहना है कि भीड़ और वाहनों के साथ यातायात जाम की स्थिति गंभीर स्थिति पैदा कर सकती थी, जो पूजा स्थलों और संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बन सकती थी। कुछ स्थानीय रहने वाले बताते हैं कि गाड़ियों को बाहर पार्क करने की व्यवस्था बेहतर और काफ़ी स्पष्ट है, लेकिन शाम और सुबह के समय भीड़-भाड़ को ध्यान में रखते हुए यात्रा की योजना पहले से बनाना आवश्यक है।
प्रशासन ने बताया है कि सोमवार दोपहर 12 बजे के बाद भारी वाहनों का प्रवेश सामान्य क्रम से फिर से शुरू हो जाएगा,लेकिन तब तक वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस ट्रैफिक टीम त्रिवेणी संगम क्षेत्र और मुख्य मार्गों पर निगरानी जारी रखेंगे।इसके अलावा, स्वास्थ्य, सफाई और चिकित्सा आपात सेवाएं भी पूरी तरह तैयार हैं ताकि स्नान के दौरान किसी भी अप्रत्याशित स्थिति को तुरंत संभाला जा सके।
Updated on:
31 Jan 2026 06:37 pm
Published on:
31 Jan 2026 06:37 pm
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