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माघ पूर्णिमा पर त्रिवेणी तट पर भक्ति का महाकुंभ, 6 बजे तक 60 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई डुबकी

प्रयागराज में माघी पूर्णिमा पर संगम नोज पर अलसुबह से श्रद्धालुओं का तांता लगा है। रविवार सुबह से भारी भीड़ उमड़ी। माघ पूर्णिमा स्नान के बाद कल्पवासी घर लौट रहे हैं, संगम घाट पर एटीएस तैनात।
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Magh purnima

प्रयागराज के माघ मेले में आज माघ पूर्णिमा का पावन स्नान श्रद्धा और आस्था के साथ जारी है। तड़के सुबह करीब 4 बजे से ही संगम नोज पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है।

सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। हालात ऐसे थे कि श्रद्धालु एक-दूसरे का हाथ पकड़कर आगे बढ़ते दिखे। इसके बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। सुबह 6 बजे से तक करीब 60 लाख श्रद्धालु संगम में पवित्र डुबकी लगा चुके है।

संगम घाट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

माघी पूर्णिमा के अवसर पर संगम घाट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। एटीएस की तैनाती के साथ VIP मूवमेंट पूरी तरह रोक दिया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस वर्ष माघ मेला करीब 8000 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है और इसकी निगरानी AI तकनीक से की जा रही है।

महाशिवरात्रि पर अंतिम स्नान

पौष पूर्णिमा से कल्पवास प्रारंभ करने वाले श्रद्धालु आज माघ पूर्णिमा का स्नान कर अपने-अपने घरों की ओर प्रस्थान करेंगे। माघ पूर्णिमा के बाद अब केवल महाशिवरात्रि (15 फरवरी) का स्नान शेष रहेगा। हर वर्ष की तरह इस बार भी माघ मेले की शुरुआत पौष पूर्णिमा से हुई थी, जो महाशिवरात्रि तक चलती है।

प्रयागराज के पंडितों के अनुसार, माघ पूर्णिमा के दिन त्रिवेणी का जल अमृत के समान माना जाता है। मान्यता है कि तारों के छिपने से पहले संगम में स्नान करने से देवताओं की विशेष कृपा प्राप्त होती है और पापों का नाश होता है। स्नान से पूर्व ‘त्रिवेण्ये नमः’ का उच्चारण, फूल अर्पित करना और जरूरतमंदों को दान देना विशेष फलदायी माना गया है।

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