राज्य सरकार ने नए बने राजकीय महाविद्यालयों सरकारी कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के करीब 1800 पदों पर भर्ती की तैयारी शुरू कर दी है। उच्च शिक्षा निदेशालय इस हफ्ते तकरीबन 1232 रिक्त पदों का प्रस्ताव यूपी लोक सेवा आयोग को भेजने जा रहा है। इससे पहले 562 पदों का अधियाचन भेजा जा चुका है।
उत्तर प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में पढ़ाने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार ने नए बने राजकीय महाविद्यालयों सरकारी कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के करीब 1800 पदों पर भर्ती की तैयारी शुरू कर दी है। उच्च शिक्षा निदेशालय इस हफ्ते तकरीबन 1232 रिक्त पदों का प्रस्ताव यूपी लोक सेवा आयोग (UPPSC) को भेजने जा रहा है। इससे पहले 562 पदों का अधियाचन भेजा जा चुका है।
सरकार इस साल से 69 नए सरकारी कॉलेजों का संचालन शुरू करने जा रही है, जबकि 2 कॉलेज अभी निर्माणाधीन हैं और उनका संचालन अगले सत्र से होगा। इन कॉलेजों के लिए शिक्षकों के पद पहले ही मंजूर हो चुके हैं और अब भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। उम्मीद है कि आने वाले दो महीनों में भर्ती का विज्ञापन जारी हो सकता है।
भर्ती प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव किया गया है। पहले असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती केवल इंटरव्यू के जरिए होती थी, लेकिन अब नई व्यवस्था में प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के तीन चरणों से चयन होगा। इस नए परीक्षा पैटर्न को कार्मिक विभाग से मंजूरी मिल चुकी है, अब सिर्फ कैबिनेट की स्वीकृति बाकी है।
पहले सरकार ने इन नए कॉलेजों को पीपीपी मॉडल (Public-Private Partnership) से चलाने की योजना बनाई थी, लेकिन अब फैसला लिया गया है कि सभी कॉलेज सरकारी संसाधनों से ही चलाए जाएंगे। खास बात यह है कि ये कॉलेज ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में हैं, जहां छात्रों को अभी तक उच्च शिक्षा की सुविधाएं कम मिल पाती थीं। सरकार चाहती है कि गांव के छात्रों को भी अच्छी और सस्ती शिक्षा मिल सके।