मौसम विभाग ने 14 जनवरी के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, मैदानी इलाकों में एक बार फिर ठंडी पछुआ हवाएं चल सकती हैं, जिससे गलन और कोहरे का असर बढ़ने की संभावना है।
पूर्वांचल सहित वाराणसी में ठंड और गलन का असर एक बार फिर बढ़ने वाला है। बीते कुछ दिनों से प्री-पश्चिमी विक्षोभ की वजह से मौसम में जो बदलाव दिख रहा था। ऐसे में लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली लेकिन अब यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगी।
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार से मौसम फिर करवट ले सकता है और गलन का दौर दोबारा शुरू होने की संभावना है। अभी अधिकतम और न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी के कारण ठंड का असर कुछ कम महसूस हो रहा है। सोमवार सुबह कुछ इलाकों में हल्का कोहरा भी देखने को मिला। हालांकि, न्यूनतम तापमान अभी भी 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है, जिससे साफ है कि ठंड पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ फिलहाल पहाड़ी इलाकों से गुजर रहा है। वहां हो रही बर्फबारी का असर आने वाले दिनों में मैदानी क्षेत्रों तक पहुंचेगा, जिससे हवा में नमी बढ़ेगी और गलन फिर से तेज हो सकती है। बता दें कि मौसम विभाग ने 14 जनवरी के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, मैदानी इलाकों में एक बार फिर ठंडी पछुआ हवाएं चल सकती हैं, जिससे गलन और कोहरे का असर बढ़ने की संभावना है।
बता दें कि मकर संक्रांति के बाद और महीने के अंत तक ठंडी और गलन भरी हवाओं का असर बना रह सकता है। दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंड का एहसास हो सकता है। धूप निकलने पर ट्रेनों और विमानों की आवाजाही सामान्य रहने की उम्मीद है, लेकिन सुबह और रात के समय कोहरे से परेशानी हो सकती है।