पुणे

NEET-UG पेपर लीक: पुणे में आरोपी शिवराज मोटेगांवकर के ‘RCC क्लासेस’ पर चला बुलडोज़र; 3.20 करोड़ का टैक्स बकाया, प्रॉपर्टी सील

NEET-UG 2026: पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपी शिवराज मोटेगांवकर के पुणे स्थित 'RCC क्लासेस' पर पुणे नगर निगम ने बुलडोज़र एक्शन लिया है। 3.20 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया होने पर संपत्ति सील की गई है।

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May 20, 2026
पुणे में आरोपी शिवराज मोटेगांवकर के 'RCC क्लासेस' पर चला बुलडोजर

NEET UG 2026 Paper Leak: पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के शिकंजे में आए मुख्य आरोपी शिवराज मोटेगांवकर पर अब चौतरफा गाज गिरनी शुरू हो गई है। पुणे नगर निगम (PMC) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मोटेगांवकर के 'आरसीसी (RCC) क्लासेस' से जुड़ी दो संपत्तियों को सील कर दिया है और वहां अवैध निर्माण पर बुलडोज़र एक्शन शुरू कर दिया है। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, यह सख्त कदम करोड़ों रुपये के बकाया संपत्ति कर (Property Tax) और व्यावसायिक जगह के कथित अवैध इस्तेमाल को लेकर उठाया गया है।

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3.20 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया

पुणे नगर निगम (PMC) के अधिकारियों ने बताया कि शिवराज मोटेगांवकर पुणे में जेएम रोड (JM Road) पर स्थित बोरावके बिल्डिंग से 'आरसीसी क्लासेस' का संचालन करता था, जहां जेईई (JEE) और नीट (NEET) के छात्रों को कोचिंग दी जाती थी।नगर निगम के अनुसार, इन संपत्तियों पर करीब 3.20 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया था, जिसे चुकाया नहीं गया। इसके बाद, पीएमसी के भवन विभाग ने जेएम रोड पर स्थित इमारत की पहली मंजिल पर स्थित 'शॉप नंबर 1' को सील कर दिया। निगम ने नोटिस में साफ किया है कि यहां बिना आवश्यक अनुमति (Permissions) के कोचिंग क्लासेस का अवैध संचालन किया जा रहा था।

पार्किंग में हेरफेर पर चला बुलडोज़र,

पीएमसी के अधिकारियों ने आगे बताया कि जांच के दौरान बिल्डिंग में अवैध पार्किंग अल्टरेशन और अनधिकृत (Unauthorised) निर्माण का पता चला था। इसके तुरंत बाद नगर निगम के दस्ते ने मौके पर पहुंचकर बुलडोज़र से अवैध निर्माण को ढहाने की कार्रवाई शुरू कर दी। पुणे नगर निगम ने अब शहर में मोटेगांवकर से जुड़ी अन्य संपत्तियों की भी गहन जांच शुरू कर दी है।

CBI की गिरफ्त में है आरोपी

यह प्रशासनिक कार्रवाई लातूर के प्रसिद्ध 'आरसीसी कोचिंग इंस्टीट्यूट' के संस्थापक और निदेशक शिवराज मोटेगांवकर की सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी के कुछ दिनों बाद हुई है। सीबीआई ने करीब 7 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद मोटेगांवकर को NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद दिल्ली की एक अदालत ने उसे 9 दिनों की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया था।

जांच में हुआ बड़ा खुलासा

सीबीआई के मुताबिक, मोटेगांवकर पेपर लीक करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का सक्रिय सदस्य है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, उसने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर परीक्षा से काफी पहले 23 अप्रैल 2026 को ही नीट-यूजी के प्रश्नपत्र और उत्तर हासिल कर लिए थे।

केमिस्ट्री का वही क्वेश्चन बैंक बरामद

सीबीआई ने 14 मई को मोटेगांवकर के लातूर स्थित आवास और उनके संस्थान की कई शाखाओं पर छापेमारी की थी। इस तलाशी के दौरान जांचकर्ताओं को केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) का एक ऐसा क्वेश्चन बैंक मिला, जिसमें हूबहू वही प्रश्न थे जो 3 मई को आयोजित हुई नीट परीक्षा में पूछे गए थे। इसके अलावा, आरोपी के मोबाइल फोन से भी लीक हुआ नीट-यूजी प्रश्नपत्र बरामद हुआ है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

सीबीआई के अनुसार, आरोपी ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जुड़े अधिकारियों और गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर कई छात्रों को लीक पेपर और आंसर की (Answer Sheet) बांटी थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि मोटेगांवकर उन सभी छात्रों के नामों का खुलासा नहीं कर रहा है जिन्हें ये पेपर दिए गए थे। यही नहीं, सबूत मिटाने के लिए उसने परीक्षा के तुरंत बाद लीक हुए प्रश्नपत्रों की प्रतियों को जलाकर नष्ट कर दिया था।

गौरतलब है कि देशव्यापी नीट-यूजी परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन व्यापक पैमाने पर पेपर लीक की रिपोर्ट के बाद एनटीए (NTA) ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी। अब इस परीक्षा का दोबारा आयोजन (Re-examination) 21 जून 2026 को किया जाएगा।

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