16 मई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पेशे से ब्यूटीशियन, पति डेंटिस्ट और खाते में 20 लाख, NEET पेपर लीक मामले में धरी गई महिला की खुली कुंडली

Manisha Waghmare Arrested: सीबीआई ने महाराष्ट्र से नीट पेपर लीक मामले में तीसरी आरोपी मनीषा वाघमारे को गिरफ्तार किया है। पेशे से ब्यूटीशियन और काउंसलिंग सेंटर चलाने वाली मनीषा के खाते में परीक्षा के दौरान ₹20 लाख आए थे। सीबीआई उसके 21 संदिग्ध बैंक खातों और डिलीट किए गए मोबाइल डेटा की जांच कर रही है।

2 min read
Google source verification

पुणे

image

Imran Ansari

May 16, 2026

NEET Paper Leak Case

ब्यूटीशियन की आड़ में एडमिशन का 'गोरखधंधा'

NEET paper leak case: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट-यूजी' (NEET-UG) पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है। सीबीआई ने महाराष्ट्र से इस रैकेट से जुड़ी एक तीसरी मुख्य आरोपी महिला को गिरफ्तार किया है, जिसकी हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल और संदिग्ध बैंक ट्रांजैक्शन ने जांच एजेंसियों को भी हैरान कर दिया है। पकड़ी गई महिला कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि समाज के एक संभ्रांत वर्ग से ताल्लुक रखती है।

ब्यूटीशियन की आड़ में एडमिशन का 'गोरखधंधा'

जांच में सामने आया है कि महाराष्ट्र से गिरफ्तार की गई इस तीसरी आरोपी महिला का नाम मनीषा वाघमारे है। मनीषा पेशे से एक ब्यूटीशियन है, लेकिन इसकी आड़ में वह पुणे में मेडिकल उम्मीदवारों के लिए काउंसलिंग और एडमिशन कंसल्टेंसी भी चलाती थी। दिलचस्प बात यह है कि वाघमारे के पति भी एक सम्मानित पेशे से जुड़े हैं; वे डेंटिस्ट (दंत चिकित्सक) हैं और पुणे में ही अपना खुद का क्लीनिक चलाते हैं।

कॉल रिकॉर्ड्स ने खोली मिलीभगत की पोल

सीबीआई को मनीषा वाघमारे और इस केस के एक अन्य मुख्य आरोपी लोखंडे के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से बेहद पुख्ता सबूत मिले हैं। रिकॉर्ड बताते हैं कि ये दोनों 3 मई को हुई नीट परीक्षा से पहले और बाद में लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे। यह संपर्क उस दौरान और भी बढ़ गया था जब एक अन्य आरोपी खैरनार ने यश यादव नाम के छात्र को नीट का गेस पेपर (लीक पेपर) मुहैया कराया था, जिसे बाद में राजस्थान में बिवाल परिवार के सदस्यों के साथ साझा किया गया था। इस पूरी चेन में मनीषा वाघमारे की भूमिका बेहद अहम थी।

खाते में आए 20 लाख, 21 बैंक अकाउंट्स रडार पर

मनीषा वाघमारे की बैंक अकाउंट हिस्ट्री खंगालने पर सीबीआई को बड़े पैमाने पर वित्तीय हेरफेर के सबूत मिले हैं। नीट परीक्षा के ठीक पहले और बाद में उसके खातों में देश के अलग-अलग हिस्सों से अचानक मोटी रकम ट्रांसफर की गई। शुरुआती जांच में लगभग 20 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है। सूत्रों के मुताबिक, मनीषा के खाते में पैसे भेजने वाले ज्यादातर अकाउंट्स दूसरे राज्यों के छात्रों या उनके परिजनों के हैं। ऐसे करीब 21 बैंक खातों की पहचान की गई है, जो अब सीबीआई के रडार पर हैं।

मैसेज डिलीट कर मिटाए सबूत, डेटा रिकवरी के लिए भेजे फोन

कार्रवाई के डर से मनीषा वाघमारे और लोखंडे ने अपने मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण मैसेज और चैट डिलीट कर दिए थे। हालांकि, सीबीआई ने मुस्तैदी दिखाते हुए मनीषा और अन्य आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और उन्हें डेटा रिकवरी के लिए फॉरेंसिक लैब भेज दिया है। शुरुआती जांच से साफ है कि यह महज कुछ काउंसलर्स का निजी फ्रॉड नहीं है, बल्कि यह मेडिकल एडमिशन काउंसलर्स का एक ऐसा संगठित गिरोह है जो सीधे तौर पर नीट पेपर लीक करने वाले नेशनल सिंडिकेट के साथ मिलकर काम कर रहा था।

बड़ी खबरें

View All

पुणे

महाराष्ट्र न्यूज़

ट्रेंडिंग