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NEET Paper Leak: पहचान छिपाने को बदले कपड़े और कराया टकला, फिर भी पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी

NEET paper leak: नीट पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा हुआ है कि प्रश्नपत्र की पहली कॉपी नासिक से लीक हुई थी। पुलिस ने मुख्य संदिग्ध शुभम खैरनार को गिरफ्तार किया है, जिसने पहचान छिपाने के लिए सिर मुंडवा लिया था। पेपर नासिक से हरियाणा और फिर देश के अन्य राज्यों में भेजा गया था।

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मुंबई

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Imran Ansari

May 12, 2026

NEET paper leak case

पहचान छिपाने को बदले कपड़े और कराया टकला, फिर भी पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी

NEET paper leak case : देश के 22 लाख से ज्यादा छात्रों के भविष्य से जुड़ी नीट (NEET) परीक्षा रद्द होने के बाद अब इसकी परतों से चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि नीट पेपर लीक की पहली कॉपी नासिक से ही बाहर निकली थी। इस मामले में नासिक पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 30 वर्षीय संदिग्ध शुभम खैरनार को गिरफ्तार किया है, जो अपनी पहचान छिपाने के लिए सिर मुंडवाकर भागने की फिराक में था।

नासिक से हरियाणा और फिर पूरे देश में फैला जाल

पुलिस जांच में नीट पेपर लीक का जो नेटवर्क सामने आया है, वह बेहद चौंकाने वाला बताया जा रहा है। जांच के मुताबिक नीट का प्रश्नपत्र सबसे पहले नासिक से लीक हुआ था। इसके बाद यह लीक पेपर हरियाणा पहुंचा, जहां इसके 10 अलग-अलग सेट तैयार किए गए। पुलिस का दावा है कि हरियाणा से इन सेट्स को बिहार, आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान समेत कई राज्यों में फैलाया गया, जिसके जरिए पेपर लीक का पूरा नेटवर्क देशभर में सक्रिय हुआ।

पहचान छिपाने के लिए कटवाए बाल, बदल डाले कपड़े

आरोपी शुभम खैरनार मूल रूप से नाशिक के नांदगांव का रहने वाला है और BAMS अंतिम वर्ष का छात्र है। पुलिस के अनुसार, जब उसे लगा कि पुलिस उस तक पहुंच सकती है, तो उसने बचने के लिए अपनी पूरी वेशभूषा बदल ली। उसने अपने सिर के बाल कटवा दिए (गंजा हो गया) और कपड़े बदलकर 'भक्त' के वेश में मंदिर दर्शन के बहाने भागने की कोशिश की। हालांकि, नासिक क्राइम ब्रांच यूनिट-2 ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से उसे धर दबोचा।

राजस्थान पुलिस और CBI की कार्रवाई

नासिक पुलिस ने बताया कि राजस्थान पुलिस से मिली सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। अब तक इस पूरे मामले में देश भर से 16 आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है। चूंकि मामला बेहद संवेदनशील और अंतरराज्यीय (Inter-state) है, इसलिए CBI अब इसकी विस्तृत जांच कर रही है ताकि इस पूरे सिंडिकेट के 'मास्टरमाइंड' तक पहुंचा जा सके।