पुणे

महाराष्ट्र के राज्यपाल कोश्यारी के विरोध में आज पुणे बंद, जानें कहां-कितना दिख रहा असर

Pune Bandh Today Over Governor Bhagat Singh Koshyari’s Remark: पुणे बंद में कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना (ठाकरे गुट) और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भाग लिया है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, मंत्री चंद्रकांत पाटिल व अन्य के बयानों के विरोध में बंद का आह्वान किया गया है।

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Dec 13, 2022
पुणे बंद आज

Pune Bandh on December 13: महाराष्ट्र के विपक्षी दलों और प्रमुख मराठा संगठन संभाजी ब्रिगेड (Sambhaji Brigade) ने आज (13 दिसंबर) पुणे बंद (Pune Bandh News) बुलाया है। पुणे बंद का बड़े पैमाने पर असर देखने को मिल रहा है। यह बंद राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Koshyari) द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji) के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के विरोध में बुलाया गया है।

पुणे बंद में कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना (ठाकरे गुट) और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भाग लिया है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, मंत्री चंद्रकांत पाटिल व अन्य के बयानों के विरोध में बंद का आह्वान किया गया है। इस बंद में बीजेपी सांसद उदयनराजे भोसले (Udayanraje Bhosale) भी शामिल हुए हैं। वहीं, पुणे के सभी ट्रेड यूनियनों, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशनों, गणेशोत्सव मंडलों ने इस बंद का समर्थन किया है। इसलिए आज दोपहर 3 बजे तक पुणे ठप रहेगा। यह भी पढ़े-शिवसेना का ‘धनुष-बाण’ किसका? चुनाव आयोग में आज नहीं हुआ फैसला, अब जनवरी में होगी सुनवाई


पुणे बंद के चलते क्या-क्या बंद है?

सब्जी और फूल बाजार समेत सभी मार्केट बंद है।

विभिन्न व्यापार संघों के समर्थन से लक्ष्मी रोड सहित शहर की सभी दुकानें दोपहर 3 बजे तक बंद रहेंगी।

गणेशोत्सव मंडलों के समर्थन से प्रमुख गणेश मंदिर भी बंद रहेंगे।

स्कूलों को बंद रखने का आग्रह किया गया है। लेकिन इसके लिए प्रदर्शनकारी जबरदस्ती नहीं करेंगे।

पीएमपीएमएल सार्वजनिक परिवहन बस सेवा और ऑटो रिक्शा बंद रहेगी।

होटल, सिनेमा भी बंद रहेंगे।

बता दें कि पुणे में बंद के मौके पर एक विरोध मार्च भी निकाला गया है। सुबह डेक्कन क्षेत्र के छत्रपति संभाजी महाराज की प्रतिमा सामने से मार्च की शुरुआत की गई। यह मार्च अलका चौक तक जाएगी। वहां से फिर यह मार्च लक्ष्मी रोड से होते हुए बेलबाग चौक पहुंचेगी। वहां से यह मार्च लाल महल जाएगी और वहां एक सभा का आयोजन होगा।

पिछले महीने डॉ अम्बेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय (Dr Ambedkar Marathwada University) में अपने भाषण के दौरान कोश्यारी ने कहा था कि शिवाजी महाराज पुराने ज़माने के आदर्श हैं, जबकि आधुनिक समय में अंबेडकर और नितिन गडकरी जैसे लोग आदर्श हैं।” इस बयान पर सूबे के राजनीतिक दलों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए राज्यपाल कोश्यारी को पद से हटाने की मांग की है।

Published on:
13 Dec 2022 11:43 am
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