Rohit Pawar: बारामती उपचुनाव में रोहित पवार ने नया दांव चला है। उन्होंने कांग्रेस और निर्दलीयों से सुनेत्रा पवार के खिलाफ नामांकन वापस लेने की अपील की है।
Baramati By-Election: महाराष्ट्र की राजनीति के केंद्र 'बारामती' में विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। नामांकन वापसी के आखिरी दिन राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) के नेता रोहित पवार ने एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने विपक्षी दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों से अपील की है कि वे अपनी उम्मीदवारी वापस लेकर सुनेत्रा पवार (सुनेत्रा काकी) को निर्विरोध चुनने में सहयोग करें।
रोहित पवार ने अपने ट्वीट में कहा कि अजीत पवार का राजनीतिक सफर लंबे समय तक कांग्रेस के साथ रहा है और उनके संबंध हर कांग्रेसी नेता से बेहद करीबी रहे हैं। इसी का हवाला देते हुए रोहित पवार ने मुंबई में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल से मुलाकात की। उन्होंने अनुरोध किया कि अजीतदादा के योगदान और रिश्तों का सम्मान करते हुए कांग्रेस को अपनी उम्मीदवारी वापस ले लेनी चाहिए।
रोहित पवार ने ट्वीट में एक गंभीर मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि मुलाकात के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की। सपकाल का तर्क था कि यदि अजीतदादा जैसे कद्दावर नेता की दुर्घटना की FIR तक दर्ज नहीं हो पा रही है, तो ऐसी सरकार के खिलाफ लड़ना जरूरी है।
रोहित पवार ने लिखा कि 'हम कांग्रेस की नीति और उनके विचारों का सम्मान करते हैं। इसके बावजूद, मेरी सभी निर्दलीय उम्मीदवारों और कांग्रेस से यह विनती है कि वे नामांकन वापस लें। बारामती की जनता और दादा को चाहने वाले हर व्यक्ति की यही इच्छा है कि यह चुनाव निर्विरोध हो।'
चुनाव की संवेदनशीलता को देखते हुए रोहित पवार ने स्पष्ट किया कि सुनेत्रा काकी का निर्विरोध चुना जाना बारामती की एकता का प्रतीक होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी इस अपील को स्वीकार किया जाएगा। अब सबकी नजरें नामांकन वापसी के अंतिम समय पर टिकी हैं कि क्या विपक्षी दल बारामती में अपने कदम पीछे खींचते हैं या मुकाबला चुनावी मैदान तक जाता है।
दरअसल, बारामती के विधायक और महाराष्ट्र के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार का जनवरी 2026 में एक विमान दुर्घटना (Plane Crash) में निधन हो गया था। उनके निधन के बाद यह सीट खाली हो गई थी, जिसके कारण अब यहां उपचुनाव (By-election) कराए जा रहे हैं।