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9 महीने के मासूम ने निगला जंग लगे तारों वाला छोटा एलईडी बल्ब, भारतीय सेना के डॉक्टरों ने बचाई जान

पुणे के AICTS अस्पताल में भारतीय सेना के डॉक्टरों ने जटिल ब्रोंकोस्कोपी प्रक्रिया के जरिये नौ महीने के बच्चे के फेफडे से एलईडी बल्ब निकालकर उसकी जान बचाई। सोशल मीडिया पर मेडिकल टीम की जमकर सराहना हो रही है।
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पुणे

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Himadri Joshi

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Updated: 29 May 2026, 10:29 AM IST

Medical team performing a procedure

ऑपरेशन करते भारतीय सेना के डॉक्टर (फोटो- Southern Command INDIAN ARMY एक्स पोस्ट)

पुणे स्थित भारतीय सेना के प्रतिष्ठित आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियो थोरेसिक साइंसेज (AICTS) में डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल मेडिकल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम देकर नौ महीने के बच्चे की जान बचा ली। बच्चा गलती से एक छोटा एलईडी बल्ब निगल गया था, जिसमें जंग लगे मौजूद थे जो कि बच्चे के फेफडे के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते थे। यह एलईडी बल्ब बच्चे के बाएं फेफडे की सांस नली में गहराई तक फंस गया था। स्थिति इतनी गंभीर थी कि किसी भी समय एयरवे ब्लॉक होने या फेफडे के ढहने का खतरा पैदा हो सकता था। समय रहते सेना के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने सटीक उपचार कर बच्चे को सुरक्षित बचा लिया।

बिना किसी ओपन सर्जरी के सफल इलाज किया

डॉक्टरों की टीम ने बच्चे पर ब्रोंकोस्कोपी नाम की एडवांस मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया की। इस तकनीक में एक पतली और लचीली ट्यूब, जिसमें कैमरा लगा होता है, मुंह या नाक के जरिये सांस नली तक पहुंचाई जाती है। इसी कैमरे की मदद से डॉक्टरों ने एलईडी बल्ब की सटीक स्थिति पहचानी और उसे बेहद सावधानी से बाहर निकाला। यह प्रक्रिया इसलिए भी चुनौतीपूर्ण थी क्योंकि बल्ब के साथ मौजूद तार सांस नली को नुकसान पहुंचा सकते थे। डॉक्टरों ने बिना किसी ओपन सर्जरी के सफल इलाज कर बच्चे की सामान्य सांसें वापस बहाल कर दीं।

भारतीय सेना ने पोस्ट शेयर कर दी जानकारी

भारतीय सेना की साउदर्न कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस सफल मेडिकल ऑपरेशन की जानकारी साझा की। सेना ने बताया कि यह मामला जानलेवा इमरजेंसी में बदल सकता था, लेकिन AICTS पुणे के विशेषज्ञों ने असाधारण सटीकता और मेडिकल कौशल दिखाते हुए बच्चे की जान बचाई। पोस्ट के साथ अस्पताल ने एलईडी बल्ब की तस्वीर और एक्स रे इमेज भी साझा की, जिसमें बल्ब बच्चे की सांस नली में साफ दिखाई दे रहा था। सेना ने कहा कि इलाज के दौरान किसी तरह की जटिलता सामने नहीं आई और बच्चा सुरक्षित है।

सोशल मीडिया पर डॉक्टरों की जमकर सराहना

इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भारतीय सेना के डॉक्टरों की जमकर प्रशंसा हो रही है। कई यूजर्स ने मेडिकल टीम को असली हीरो बताया। एक यूजर ने लिखा कि सेना के डॉक्टर असंभव को संभव बना देते हैं। वहीं दूसरे यूजर ने AICTS पुणे के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को सलाम किया। कई लोगों ने माता पिता को भी छोटे खिलौनों और बैटरी वाली वस्तुओं को बच्चों से दूर रखने की सलाह दी। यह घटना बच्चों की सुरक्षा और समय पर मेडिकल सहायता के महत्व को भी उजागर करती है।

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