रायबरेली के किसानों के लिए योगी सरकार की तरफ से एक अच्छी खबर है।
रायबरेली. रायबरेली के किसानों के लिए योगी सरकार की तरफ से एक अच्छी खबर है। अब तक किसानों द्वारा पैदा की जा रही सब्जियां व फसल खराब हो जाती थी, लेकिन योगी सरकार ने जिले के किसानों के लिये अब एक नया फार्मूला निकाला है। इससे किसानों के साथ-साथ आम जनता भी इसका फायदा उठा सकती है। दरअसल एकीकृत बागवानी मिशन योजना के तहत जिले के चार विकास खंडो में कोल्ड स्टोरेज खुलवाए जाने हैं। इससे किसान अपनी सब्जियां और फलों को उचित मूल्य पर बेच सकेंगें।
कोल्ड स्टोरेज निर्माण पर सरकार तीन करोड़ सब्सिडी देगी। किसानों से उद्यान विभाग ने आवेदन मांगे हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जिले में 32 कोल्ड स्टोरेज हैं व दो तरह के कोल्ड स्टोरेज खुलवाए जाने हैं। छोटे कोल्ड स्टोरेज निर्माण पर चार करोड़ की लागत आती है। इस प्रोजेक्ट पर दो करोड़ सब्सिडी दी जानी है। इतना ही नहीं बडे़ कोल्ड स्टोरेज पर छह करोड़ लागत आती है। इस पर तीन करोड़ की सब्सिडी सरकार देगी। दोनों प्रोजेक्ट पर पचास प्रतिषत सब्सिडी मिलेगी।
हॉर्टीकल्चर इंस्पेक्टर नागेंद्र सिंह ने बताया कि दीनषाह गौरा, खीरो, सतांव, छतोह विकास खंड में कोल्ड स्टोरेज नहीं है। इस वजह से यहां के किसान आलू भंडारण नहीं कर पाते हैं। इसके चलते उन्हें फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है। इसी के मद्देनजर इन ब्लाकों के किसानों से आवेदन मांगे गए है।
इन जिलों में नहीं है कोल्ड स्टोरेज-
जिले के चार विकास खंड़ो में कोल्ड स्टोरेज नहीं हैं। इसमें दीनषाह गौरा, खीरों, सतांव व छतोह विकास खंड शामिल हैं। इन ब्लाकों में कोल्ड स्टोरेज नहीं होने के कारण किसानों को समस्या होती है।
किसान कैसे करेगें आवेदन
रायबरेली कोल्ड स्टोरेज खुलवाने के लिए लघु व सीमान्त कोई भी किसान आवेदन कर सकता है। कोल्ड स्टोरेज खुलवाने के लिए किसान को एक एकड़ जमीन प्रोजेक्ट में दिखानी होगी। उसके लिए किसान को डीपीआर तैयार करना होगा। विभागीय स्तर पर स्थलीय जांच की जायेगी। मानक पर खरा उतरने के बाद ही प्रोजेक्ट को स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा।