रायगढ़

कोरबा से धरमजयगढ़ तक ६२.५ किमी रेल लाइन का होगा निर्माण

इससे सूदूर अंचलों में यातायात सहित माल ढुलाई में मिलेगा राहतकन्शेसन एग्रीमेन्ट पर हुआ हस्ताक्षर

2 min read
Mar 16, 2022
raigarh
कोरबा से धरमजयगढ़ तक ६२.५ किमी रेल लाइन का होगा निर्माण

रायगढ़. कोरबा (उरगा) से धरमजयगढ़ तक नई रेलवे लाइन बिछाए के लिए मंगलवार को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मुख्यालय बिलासपुर में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे एवं छत्तीसगढ़ ईस्ट रेलवे लिमिटेड (सीईआरएल) के मध्य कन्शेसन एग्रीमेन्ट पर हस्ताक्षर किया गया। यह रेल लाइन बन जाने से उरगा व धरमजयगढ़ क्षेत्र के लोगों को काफी राहत मिलेगी। वहीं धरमजयगढ़ से कोरबा जाने के लिए उस क्षेत्र के लोगों को सडक़ मार्ग से जाना पड़ता था। साथ ही ट्रेन से जाने के लिए रायगढ़ से ट्रेन पकडऩा पड़ता था जिससे दिक्कत होती थी। साथ ही माल ढुलाई से भी रेलवे को अच्छा खासा राजस्व अर्जित होगा।
गौरतलब हो कि कोरबा (उरगा) से धरमजयगढ़ तक करीब ६२.५ किमी नयी रेल लाइन विस्तार के लिए मंगलवार को बिलासपुर मुख्यालय में बैठक आयोजित कर एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुआ। बताया जा रहा है कि उपरोक्त एग्रीमेन्ट के जरिए छत्तीसगढ़ ईस्ट रेलवे लिमिटेड करीब 30 वर्षों तक ढुलाई राजस्व भारतीय रेल के साथ शेयर करेगी। जिसके एवज में रेल व्यवस्था का संचालन, रख-रखाव तथा निर्माण उपलब्ध कराया जाएगा। छत्तीसगढ़ ईस्ट रेलवे लिमिटेड कम्पनी को ’स्पेशल पर्पस व्हीकल’ (एसपीवी) माडल पर विकसित किया गया है तथा इसमें एसईसीएल के साथ-साथ ईरकॉन इन्टरनेशनल लिमिटेड व छत्तीसगढ़ शासन के स्टेट इन्डस्ट्रियल डेव्हलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड की सहभागिता है। साथ ही अधिकारियों का कहना है कि इस नई रेल लाइन बनाने में लगभग 1700 करोड़ रूपये की संभावित लागत विकसित की जाएगी। जो आगामी ईस्ट रेल कॉरीडोर परियोजना मार्च 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है ।
माल ढुलाई में होगी सहुलियत
इस संबंध में रेलवे अधिकारियों ने बताया कि कोरबा (उरबा) से धरमजयगढ़ तक रेल लाइन बिछ जाने से सूदूर अंचलों में यातायात की सुविधा मिलेगी। साथ ही माल ढुलाई के लिहाज से यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण है। इस परियोजना से जुड़े भूमि अधिग्रहण का अधिकतम कार्य पूरा कर लिया गया है। साथ ही वन स्वीकृति भी अंतिम चरण में है। ईस्ट रेल कॉरिडोर के संचालित होने से एसईसीएल के माण्ड-रायगढ़ कोलफील्ड केप्टिव ब्लॉक तथा कमर्शियल माईनिंग की परियोजनाओं से कोयले के ढुलाई में भी तेजी आएगी। यह प्रोजेक्ट माण्ड-रायगढ़ कोलफील्ड्स एवं वसुंधरा कोलफील्ड्स में कोयले के डिस्पैच के लिए अतिरिक्त रूट उपलब्ध कराएगा। जिससे रेलवे के राजस्व में भी बढ़ोत्तरी होगी।
बैठक में ये अधिकारी थे मौजूद
बिलासपुर में हुए बैठक में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक आलोक कुमार, प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक छत्रसाल सिंह, मुख्य परिचालन योजना प्रबंधक वाई.के. चौधरी, चेयरमेन सीईआरएल एवं सीडब्ल्यूआरएल सह एसईसीएल के निदेशक तकनीकी मनोज कुमार प्रसाद, सीईओ सीईआरएल जे.एन. झा, ईडी इरकॉन तथा डायरेक्टर सीईआरएल व दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे अंकुश गुप्ता तथा छत्तीसगढ़ ईस्ट रेल लिमिटेड के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

Published on:
16 Mar 2022 09:12 pm