लाख का सोना पार होने का मामला सामने आया
रायगढ़. साउथ बिहार एक्सप्रेस के स्लीपर कोच से खरसिया रेलवे स्टेशन के करीब 70 लाख का सोना पार होने का मामला सामने आया है। खास बात तो यह है कि 70 लाख के इस चोरी के मामले में रायगढ़ जीआरपी ने बगैर जांच-परख के सिर्फ जयपुर के पीडि़त व्यवसायी की शिकायत पर 7 मिनट में ही अपराध दर्ज कर लिया।
पीडि़त के अनुसार यह घटना दोपहर 12.30 में ट्रेन के खरसिया पहुंचने के दौरान हुई है पर उसी ट्रेन से रायगढ़ आने व घंटों शहर में मौजूद रहने के बाद पीडि़त व्यवसायी ने इसकी शिकायत शाम 5.15 में रायगढ़ जीआरपी से की, जो पूरे मामले को संदिग्ध बना रहा है। बहरहाल, रायगढ़ जीआरपी ने इस मामले में यात्री की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ जुर्म दर्ज कर लिया है। वहीं मामले की जांच कर रही है।
रायगढ़ जीआरपी ने 70 लाख रुपए के सोना चोरी के मामले में 7 मिनट में ही अपराध दर्ज कर सबको चौका दिया है। जीआरपी से मिली जानकारी के अनुसार जयपुर के मालवीय नगर निवासी राकेश कुमार जैन 49 वर्ष, स्वर्ण व्यवसायी है। जो रविवार को सोने की खेप लेकर जयपुर से रायपुर आया था। दो दिन रायपुर में बिताने के बाद व्यापारी मंगलवार को साउथ बिहार एक्सप्रेस के स्लीपर कोच एस-6 में बैठा हुआ था।
दोपहर करीब 12.30 में ट्रेन के खरसिया पहुंचने के दौरान व्यापारी, करीब पौने 6 किलो सोने से भरे बैग को बर्थ पर छोड़कर बाथरूम चला गया। दो मिनट बाद जब वो आया तो उसका बैग बर्थ पर नहीं था। ट्रेन उस समय खरसिया रेलवे स्टेशन में रुकी थी।
यात्री की माने तो उसने कोच में बैठे अन्य यात्रियों से पूछताछ की तो यह मालूम हुआ कि एक युवक, सामान्य रूप से बैग लेकर नीचे उतरा है। करीब 70 लाख रुपए के गहने पार होने के बाद यात्री उसी ट्रेन से दोपहर एक बजे रायगढ़ पहुंचा। पर उसने इतनी बड़ी चोरी की जानकारी रायगढ़ जीआरपी, आरपीएफ या फिर रेलवे के हेल्प लाइन नंबर 182 पर देने की जरुरत नहीं समझी।
करीब सवा 5 घंटे बाद बाद जयपुर का यात्री रायगढ़ के अपने सहयोगी व्यवसायी के साथ रायगढ़ जीआरपी में शिकायत करने आया।
खास बात तो यह है कि जीआरपी ने 70 लाख रुपए के चोरी मामले मेंं महज सात मिनट में ही धारा 379 के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ जुर्म दर्ज कर लिया जबकि एक मोबाइल चोरी के मामले मेंं शिकायत मिलने के बाद पीडि़त को कई बार दस्तावेज लेकर थाना आना पड़ता है। वहीं जांच उपरांत अपराध दर्ज किया जाता है पर इस मामले में जीआरपी ने काफी जल्दबाजी दिखाई। जो प्लेटफार्म पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
जांच के लिए टीम खरसिया हुई रवाना
रायगढ़ रेल परिक्षेत्र स्थित खरसिया रेलवे स्टेशन के करीब 70 लाख रुपए के सोना पार होने के मामले में रायगढ़ जीआरपी की अलग-अलग टीम बना कर उक्त क्षेत्र में रवाना किया गया है। जिससे क्षेत्र के सभी संदिग्धों की धर पकड़ की जा सके। जानकारों की माने तो टीम द्वारा पूरी रात छापामार कार्रवाई करने की तैयारी की गई है। इसके लिए पूरी टीम लगी हुई है। हलांकि इस घटना ने जहां लोगों को अचंभे में डाल दिया है वहीं कई सवाल भी उठ रहे हैं।
रेल डीएसपी भी रायगढ़ में मौजूद
रायगढ़ जीआरपी में मंगलवार की शाम को 70 लाख के सोना पार होने का जुर्म दर्ज किया। उस दिन रेल डीएसपी पीके कंवर भी एक मामले की जांच को लेकर सड़क मार्ग से रायगढ़ आए हुए थे। जिसकी वजह से रायगढ़ जीआरपी काफी अलर्ट थी। वहीं क्षेत्र में गश्त ड्यूटी को भी चुस्त किया गया था। उसके बावजूद साउथ बिहार में चोरी हो गई।
ट्रेन में मौजूद थे जीआरपी जवान, नहीं मिला आरोपी
साउथ बिहार एक्सप्रेस के जिस कोच में चोरी हुई थी। उस कोच में जीआरपी जवानों को ड्यूटी लगाई गई थी। जो ट्रेन को स्कार्ट कर खरसिया से रायगढ़ आ रहे थे। ट्रेन से 70 लाख के सोना चोरी होने के बाद उक्त जवानों ने भी खोजबीन की। जिसमें यात्रियों ने बताया कि जिस तरह से युवक, बर्थ में रखे बैग को लेकर गया। उससे यह मालूम पड़ रहा था कि वो उसकी का बैग है। उसकी चाल भी एक समान्य व्यक्ति की तरह ट्रेन से उतरने की थी।
कहा जा रहा है कि दबाव में दर्ज किया जुर्म
विभागीय सूत्रों की माने तो जीआरपी ने जिस तेजी के साथ इस मामले में अपराध दर्ज किया। उसके पीछे दबाव का खेल होने की बात कही जा रही है। जिसमें व्यवसायी वर्ग के साथ रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य के शामिल होने की बात कही जा रही है। जिसके बाद जीआरपी ने मामला दर्ज किया है।