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Digital Arrest Scam: 37 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, महिला समेत 5 अंतर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार

Digital Arrest Scam: रायगढ़ में 36.97 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में महिला सहित 5 अंतर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

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37 लाख की साइबर ठगी (photo source- Patrika)

37 लाख की साइबर ठगी (photo source- Patrika)

Digital Arrest Scam: छत्तीसगढ़ के Raigarh जिले में “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर हुई बड़ी साइबर ठगी का पुलिस ने खुलासा किया है। Shashi Mohan Singh के निर्देशन में साइबर पुलिस ने राजस्थान के भीलवाड़ा से एक महिला सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर रायगढ़ लाया है। आरोपियों ने एक सेवानिवृत्त विद्युत विभाग के पर्यवेक्षक से करीब 36.97 लाख रुपये की ठगी की थी, वहीं जांच में देशभर में इस गिरोह द्वारा 1.40 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी का खुलासा हुआ है।

Digital Arrest Scam: डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ठगी

मामले में पीड़ित नरेंद्र ठाकुर को ठगों ने खुद को टेलीकॉम, पुलिस और सीबीआई अधिकारी बताकर कॉल किया। उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और गिरफ्तारी की धमकी दी गई। वीडियो कॉल के जरिए खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर भरोसा दिलाया गया और जांच के नाम पर बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए गए। डर और दबाव में आकर पीड़ित ने 30 जनवरी से 11 फरवरी 2026 के बीच कुल 36,97,117 रुपये अलग-अलग खातों में भेज दिए।

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

17 फरवरी को साइबर थाना में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआती कार्रवाई में पुलिस ने करीब 2 लाख रुपये होल्ड भी करवा दिए। बैंक खातों और तकनीकी साक्ष्यों की जांच में ठगी की रकम राजस्थान के भीलवाड़ा के खातों में पहुंचने की जानकारी मिली।

भीलवाड़ा से गिरोह का खुलासा

तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस टीम को भीलवाड़ा भेजा गया, जहां बंधन बैंक के कर्मचारी राहुल व्यास को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में पूरे गिरोह का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने रविराज सिंह, आरती राजपूत, संजय मीणा और गौरव व्यास को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया।

संगठित तरीके से करता था ठगी

पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। फर्जी कॉल, वीडियो कॉल और सरकारी अधिकारियों की आड़ लेकर लोगों को डराया जाता था। बैंक खातों की जानकारी लेकर रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवाई जाती थी। गिरोह के सदस्य इंटरनेट और यूट्यूब के जरिए साइबर ठगी के तरीके सीखकर इस अपराध में शामिल हुए थे।

Digital Arrest Scam: करोड़ों का लेन-देन, खाते सीज

जांच में आरोपियों के खातों में भारी रकम का लेन-देन सामने आया है। एक आरोपी के खाते में ही करीब 60 लाख रुपये मिले हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के बैंक खाते सीज कर दिए हैं और उनके कब्जे से 7 मोबाइल और 1 लैपटॉप जब्त किया है।

पुलिस की कार्रवाई और अपील

इस पूरे मामले का खुलासा Raigarh Cyber Police की टीम ने किया। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें और “डिजिटल अरेस्ट” जैसे झांसे में आकर पैसे ट्रांसफर न करें।