24 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

फर्जी क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर बनकर ठगी! वीडियो कॉल पर पुलिस बनकर डराया, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर महिला से 7 लाख की धोखाधड़ी

Digital Arrest Scam: भिलाई के सुपेला क्षेत्र में फर्जी क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर बनकर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर बुजुर्ग महिला से 7 लाख रुपये की साइबर ठगी कर ली।

2 min read
Google source verification
फर्जी क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर बनकर ठगी! वीडियो कॉल पर पुलिस बनकर डराया, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर महिला से 7 लाख की धोखाधड़ी(photo-patrika)

फर्जी क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर बनकर ठगी! वीडियो कॉल पर पुलिस बनकर डराया, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर महिला से 7 लाख की धोखाधड़ी(photo-patrika)

Digital Arrest Scam: छत्तीसगढ़ के भिलाई जिले में सुपेला थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक फर्जी क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर बनकर ठगों ने बुजुर्ग महिला से 7 लाख रुपये ठग लिए। आरोपी वीडियो कॉल के जरिए खुद को Mumbai Crime Branch का अधिकारी बताकर महिला को डिजिटल अरेस्ट की धमकी देते रहे।

Digital Arrest Scam: डर का माहौल बनाकर कराया ट्रांसफर

आर्य नगर कोहका निवासी 62 वर्षीय निर्मला चौबे को 13 मार्च को वीडियो कॉल आया, जिसमें 5-7 लोग पुलिस वर्दी में दिखाई दिए। कॉल करने वाले ने खुद को इंस्पेक्टर संदीप राव बताया और महिला पर अवैध लेनदेन का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की धमकी दी। लगातार मानसिक दबाव बनाकर आरोपियों ने महिला को डराया और किसी को जानकारी देने पर जेल भेजने की चेतावनी दी।

फर्जी दस्तावेजों से किया भ्रमित

ठगों ने महिला को व्हाट्सएप पर फर्जी एफआईआर, कोर्ट के आदेश और अन्य दस्तावेज भेजकर भरोसा दिलाया कि वह कानूनी कार्रवाई के दायरे में है। इस तरह के नकली दस्तावेजों से महिला को पूरी तरह भ्रमित कर दिया गया।

दो दिनों में 7 लाख रुपए की ठगी

भयभीत महिला ने 16 और 17 मार्च के बीच अलग-अलग बैंक खातों में कुल 7 लाख रुपये RTGS के जरिए ट्रांसफर कर दिए। ठगों ने यह भी आश्वासन दिया कि जांच पूरी होने के बाद 15 अप्रैल तक पूरी राशि वापस कर दी जाएगी।

अकेलेपन का उठाया फायदा

महिला के अकेले रहने का फायदा उठाकर आरोपियों ने उसे लगातार मानसिक दबाव में रखा। ठगी का एहसास होने पर 22 अप्रैल को महिला ने परिजनों के साथ शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला सुपेला थाना पहुंचा।

पुलिस ने दर्ज किया केस

पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए साइबर टीम की मदद ली जा रही है।

पुलिस की अपील: रहें सतर्क

दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताने वाले व्यक्तियों से सावधान रहें। “डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती। किसी भी संदिग्ध कॉल की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने से संपर्क करें।