रायगढ़

PM आवास में बड़ी लापरवाही! पहली किश्त मिली… फिर भी 200 से ज्यादा घर अधूरे, पंचायत सचिवों से मांगा जवाब

PM Awas Yojana: रायगढ़ जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास निर्माण कार्य में लापरवाही सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है।
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Mar 14, 2026
50 हजार घर, बदली लाखों जिंदगियां... बिलासपुर बना ग्रामीण विकास का मॉडल, पक्के घर का सपना हुआ साकार(photo-patrika)
50 हजार घर, बदली लाखों जिंदगियां... बिलासपुर बना ग्रामीण विकास का मॉडल, पक्के घर का सपना हुआ साकार(photo-patrika)

PM Awas Yojana: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास निर्माण कार्य में लापरवाही सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। सीईओ जिला पंचायत के निर्देश पर जनपद पंचायत लैलूंगा के दो पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। दोनों पर आवास निर्माण कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं होने और कर्तव्यों में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है।

PM Awas Yojana: बैस्कीमुड़ा पंचायत में 131 में से सिर्फ 2 आवास पूर्ण

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बैस्कीमुड़ा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कुल 131 आवास स्वीकृत किए गए थे। इनमें से 128 हितग्राहियों को प्रथम किश्त की राशि जारी की जा चुकी है। इसके बावजूद निर्माण कार्य की गति बेहद धीमी है। अब तक केवल 2 आवास पूर्ण हुए हैं, जबकि 38 आवास प्लिंथ लेवल तक पहुंचे हैं और 82 आवासों का निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हुआ है।

चिराईखार पंचायत में एक भी आवास पूरा नहीं

इसी तरह ग्राम पंचायत चिराईखार में 113 आवास स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 107 हितग्राहियों को प्रथम किश्त मिल चुकी है। इसके बावजूद एक भी आवास पूर्ण नहीं हो पाया है। यहां 16 आवास प्लिंथ लेवल तक पहुंचे हैं, जबकि 87 आवासों का निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं किया गया है।

दो पंचायत सचिवों को जारी हुआ नोटिस

निर्माण कार्य में अपेक्षित प्रगति न होने और निरीक्षण के दौरान उच्चाधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत मिलने के बाद ग्राम पंचायत चिराईखार के पंचायत सचिव श्याम लाल सिदार और ग्राम पंचायत बैस्कीमुड़ा के पंचायत सचिव अशोक कुमार पटेल को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है।

तीन दिन में मांगा गया स्पष्टीकरण

दोनों सचिवों को पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 के नियम 3 के उपनियम (1), (2) और (3) के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में निर्देश दिए गए हैं कि सचिव तीन दिनों के भीतर लिखित रूप से प्रमाण सहित अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। निर्धारित समय में जवाब नहीं देने पर एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई है।

Published on:
14 Mar 2026 12:51 pm