लैगिंक संबंध से परेशान होकर जिंदल में काम करने वाले लेबर सप्लायर की उसी के अंडर में काम करने वाले मजदूर ने चाकू से हमला कर फिर गला दबाकर हत्या कर दी थी।
रायगढ़. कोतरारोड थाना क्षेत्र अंतर्गत जिंदल में काम करने वाले लेबर सप्लायर की उसी के अंडर में काम करने वाले मजदूर ने लैंगिक संबंध से परेशान होकर उसकी हत्या की थी। वहीं शव को तीन हिस्सों में काट कर उसे अलग-अलग स्थान में फेंक दिया था। पुलिस ने इस मामले के आरोपी को गिरफ्तार कर शव के सभी हिस्सों को बरामद कर लिया है। वहीं आरोपी को जल्द ही रिमांड में भेजने की बात कही जा रही है। सोमवार की शाम पुलिस कंट्रोल रूम में मामले का खुलासा करते हुए एसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी शंकर कुमार पासवान (28) पलामू झारखंड का रहने वाला है। वह करीब २०१५ में रायगढ़ कोतरारोड क्षेत्र के पतरापाली किरोड़ीमलनगर में किराए के मकान में रहता है। शंकर पासवान वर्ष 2017७ से जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड में मृतक संदीप सिंह (लेबर सप्लायर) के अंडर में मजदूरी का काम करता था।
इस दौरान शंकर को देखकर संदीप की नीयत बिगड़ी और करीब एक साल से वह जबरन शंकर को लैंगिक संबंध बनाने के लिए दबाव बनाता था। जिससे शंकर तंग आ चुका था। चूंकि वह मजदूर था और नौकरी छूट जाने के डर से अपने मालिक को मना नहीं कर पा रहा था। संदीप उसकी इसी मजबूरी का फायदा बनाकर उसे संबंध बनाने के लिए कहता था। कई माह से शंकर इसी गुस्से में था। इसी बीच 18 अक्टूबर की रात साढ़े नौ बजे भी संदीप अपनी बाइक से शराब लेकर शंकर के घर पहुंचा। इसके बाद उसे मालिश करने के लिए कहा।
कुछ देर बाद संदीप शंकर को संबंध बनाने के लिए कहने लगा। जिससे शंकर को गुस्सा आ गया और उसने अपने घर में रखे सब्जी काटने के चाकू से संदीप के ऊपर वार कर दिया। जिससे संदीप बेहोश हो गया तो आरोपी उसकी गला दबा कर हत्या कर दिया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि हत्या करने के बाद वह उतने बड़े आदमी को कहां ले जाकर फेंकता। इस वजह से उसने अपने घर में रखे आरी से संदीप के तीन टुकड़े कर दिए।
चोरों के लिए छोड़ी बाइक
एसपी ने बताया कि आरोपी शंकर ने संदीप की हत्या करने के बाद पहले उसकी बाइक को किरोड़ीमलनगर रेलवे स्टेशन में छोड़ दिया। क्योंकि उसे पता था कि उक्त स्टेशन से अधिकांश बाइक की चोरी होती है। इसलिए उस बाइक को भी कोई चोर ले जाए सोच कर वह उसे वहीं छोड़ कर आ गया था।
साइकिल से शव को लगाया ठिकाना
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि बाइक को किरोड़ीमलनगर स्टेशन पर छोडऩे के बाद वह पैदल घर आया। इसके बाद अपने घर में मृतक के धड़ को प्लास्टिक से लपेट दिया। वहीं पैर को भी एक बोरी में और सिर को दूसरे बोरी में भरकर पैक किया। इसके बाद पहले धड़ को साइकिल में लादकर जाकर जिंदल एयर स्ट्रीप के समीप स्थित जिंदल मानसरोवर डेम के पास फेंक दिया। इसके बाद वह फिर से घर आया और पैर को ले जाकर धड़ से कुछ दूर आगे मानसरोवर के पानी में फेंक दिया। फिर आखिरी बार में साइकिल से ही सिर को ले जाकर चिराईपानी रोड में एक पानी टंकी में फेंक कर वापस घर आ गया।
परिजन गए थे घटना स्थल देखने और उन्हें दिख गई पानी में तैरती बोरी
इधर पुलिस आरोपी को पकड़ कर हिरासत में ले चुकी थी। वहीं आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर पुलिस को अपने द्वारा फेंके गए शव के टुकड़ों की जानकारी भी दे दी थी। तब तक पुलिस ने मृतक के सिर को बरामद कर लिया था। सोमवार की दोपहर पुलिस जब तक मानसरोवर मृतक के पैर को ढूंढने पहुंचती इसी बीच मृतक के घर शोक मनाने आए उसके रिश्तेदार व परिजन मानसरोवर जहां संदीप का धड़ मिला था, उस स्थान को देखने पहुंचे। इसी बीच संदीप के एक रिश्तेदार ने देखा कि घटना स्थल से कुछ दूर आगे पानी में एक बोरी तैर रहा है, जिसमें मक्खियां बैठी हुई है और बहुत की बदबू आ रही है। इसके बाद घटना की सूचना कोतरारोड पुलिस को दी गई। चूंकि पुलिस को पहले से मालूम था कि धड़ वहां है, ऐसे में सूचना मिलने के कुछ देर बाद ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और काफी मशक्कत के बाद बोरी को पानी से निकाला गया। जिसमें मृतक के पैर, जूते व अन्य सामान थे।
60 घंटों में पुलिस की टीम को मिली सफलता
19 अक्टूबर की सुबह मानसरोवर के पास भगवानपुर निवासी संदीप सिंह का धड़ मिलने के बाद पुलिस भी सकते में आ गई थी। आरोपी के साथ-साथ मृतक के शव के अन्य हिस्सों को भी ढूंढना पुलिस के लिए चुनौती बन गई थी। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा ३०२, २०१ के तहत अपराध दर्ज कर मामले की विवेचना कर रही थी। वहीं एसपी संतोष कुमार सिंह ने एएसपी अभिषेक वर्मा व सीएसपी अविनाश सिंह ठाकुर के सुपरविजन में पांच टीम का गठन किया था। जिसमें कोतरारोड टीआई रूपक शर्मा, कोतवाली टीआई एसएन सिंह, चक्रधर नगर टीआई युवराज तिवारी व जूटमिल चौकी प्रभारी अंजना केरकेट्टा के अलावा १०० से ज्यादा पुलिस के कर्मचारी शामिल थे। जोकि अलग-अलग क्षेत्र में सभी एंगल से हर पहलु को जांच कर रहे थे।
सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल व खासकर लोगों से पूछताछ करने पर पुलिस को अहम सुराग मिला। जिसमें पुलिस को इस बात की जानकारी हुई कि मृतक संदीप सिंह का पतरापाली किरोड़ीमलनगर में रहने वाले शंकर कुमार पासवान जोकि संदीप के ही अंडर में लेबर का काम करता था उसके साथ मिलना-जुलना था। वहीं घटना दिनांक की रात शंकर को पतरापाली क्षेत्र में घूमते देखा गया था। इसके बाद पुलिस ने शंकर को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ किया तो मामले का खुलासा हुआ।
-आरोपी ने अपना जुर्म कबूल लिया है। उसके अनुसार मृतक उसे करीब एक साल से लैंगिक संबंध बनाने के लिए दबाव बनाता था। जिससे वह तंग आ चुका था। घटना दिनांक को भी संदीप आरोपी के घर जाकर उसे संबंध बनाने के लिए दबाव बनाने लगा, गुस्से में आकर आरोपी ने उसकी हत्या कर दी। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की विवेचना की जा रही है। संतोष कुमार सिंह, एसपी, रायगढ़