Raigarh News: नवगठित जिले में अवैध प्लाटिंग व कालोनी को लेकर पूर्व में नगर पालिका के तत्कालीन अधिकारियों ने 14 भू-स्वामियों को नोटिस जारी किया था, लेकिन नोटिस के बाद किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई।
Raigarh News: किसी भी कालोनी का रेरा में एप्रुवल के लिए 40 फीट का सड़क होना चाहिए, लेकिन नवगठित सारंगढ़ जिले के झरियापारा में मदर टेरेसा कालोनी के समीप एक नए कालोनी का निर्माण किया जा रहा है, जिसके लिए रेरा में पंजीयन कराने के लिए नहर के 10 फीट के मेड़ जिसे ग्रामीण आवागमन में उपयोग कर रहे थे उसे चौड़ा करते हुए नहर को पाट दिया गया और उक्त मार्ग को 40 फीट दिखाया गया है।
वहीं इस मार्ग को चौड़ा करने के लिए कलेक्टोरेट बिल्डींग के लिए प्रस्तावित भूमि के कुछ भाग में भी मिट्टी डालकर रोड बना देने की शिकायत हुई थी, जिसको लेकर राजस्व विभाग, जल संसाधन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से जांच किया गया था। जांच के दौरान कुछ दूरी के बाद नहर को बंद करना पाया गया था।
इस मामले में जल संसाधन विभाग ने जय अंबे डेवलपर्स को नोटिस जारी किया था, जिसके बाद एसडीएम प्रखर ने नगर पालिका को विकास अनुज्ञा निरस्त करने की कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिया था। उक्त निर्देश के बाद नगर पालिका सीएमओ ने संबंधित फर्म को नोटिस जारी कर खानापूर्ति कर दिया है। (Chhattisgarh News) इस मामले में न तो विकास अनुज्ञा को निरस्त करने की कोई कार्रवाई आगे बढ़ी है न ही संबंधित कालोनी का कार्य रूकवाया गया है।
नवगठित सारंगढ़ जिले में नहर व कलेक्टोरेट भवन के लिए प्रस्तावित भूमि में कब्जा कर रोड दिखाकर कालोनी के लिए एप्रुवल लेने के मामले में सीमांकन रिपोर्ट के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस मामले में एसडीएम ने कालोनी के लिए मिली विकास अनुज्ञा को निरस्त करने का आदेश दिया है, लेकिन अब तक नगर पालिका ने इस मामले में सिर्फ नोटिस की खानापूर्ति की है।
Raigarh News: नवगठित जिले में अवैध प्लाटिंग व कालोनी को लेकर पूर्व में नगर पालिका के तत्कालीन अधिकारियों ने 14 भू-स्वामियों को नोटिस जारी किया था, लेकिन नोटिस के बाद किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले में भी नोटिस जारी कर खानापूर्ति करने की तैयारी की जा रही है। नगर पालिका सारंगढ़, सीएमओ राजू पांडेय ने बताया कि इस मामले में संबंधित को नोटिस जारी किया गया है, विकास अनुज्ञा निरस्त करने का अधिकार हमें नहीं है। फाईल एसडीएम के माध्यम से उच्च अधिकारियों को प्रस्तुत किया है।
जल संसाधन विभाग व नगर पालिका द्वारा संबंधित फर्म को जारी नोटिस का अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। फर्म के एक सदस्य से चर्चा की गई। तो उन्होंने इस पूरे मामले से अपने आपको अनजान बताया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रशासन की कार्रवाई किस तरह से चल रही है। एसडीओ जल संसाधन विभाग, दुर्गेश नायक ने बताया कि यह मामला मेरे संज्ञान में आया है, हमने जय अंबे फर्म को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही रिकॉर्ड की जांच भी की जा रही है।