16 अप्रैल 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

CG Human Trafficking: छत्तीसगढ़ में मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, नाबालिग को 1.5 लाख में बेचकर देह व्यापार में धकेला

CG Human Trafficking: मानव तस्करी की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह ने और कितनी लड़कियों को अपना शिकार बनाया है।

2 min read
Google source verification
CG Human Trafficking: छत्तीसगढ़ में मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, नाबालिग को 1.5 लाख में बेचकर देह व्यापार में धकेला

रायगढ़ पुलिस का ह्यूमन ट्रैफिकिंग मामले में बड़ी कार्रवाई (Photo Patrika)

CG Human Trafficking: रायगढ़ पुलिस ने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के बीच सक्रिय एक बड़े मानव तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। 17 वर्षीय पीड़िता की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चार दलालों और एक खरीदार को गिरफ्तार किया है। पीड़िता के अनुसार, 26 नवंबर 2025 को उसकी एक परिचित महिला उसे नौकरी का झांसा देकर रायगढ़ लाई।

यहां से गिरोह के सदस्यों ने उसे सागर (मध्य प्रदेश) ले जाकर 1.5 लाख रुपए में सुनील नामक व्यक्ति को बेच दिया और उसकी जबरन शादी करा दी। किसी तरह वहां से भागकर जब पीड़िता वापस रायगढ़ पहुंची, तो आरोपी बिंदिया रात्रे ने उसे बंधक बनाकर देह व्यापार में धकेल दिया। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और मानव तस्करी की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह ने और कितनी लड़कियों को अपना शिकार बनाया है।

मध्यप्रदेश तक फैला गिरोह, 5 गिरफ्तार

पुलिस ने छत्तीसगढ़ से लेकर मध्य प्रदेश के छतरपुर तक छापेमारी कर संगठित गिरोह के नेटवर्क को ध्वस्त किया। गिरफ्तार आरोपियों में रिन बानू उर्फ पूजा, बिंदिया रात्रे, मोहम्मद दानिश उर्फ चीकू, खरीदार सुनील दीक्षित और एक विधि विरुद्ध बालक (नाबालिग) शामिल है। गिरोह का एक अन्य सदस्य अभय यादव फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

भागकर लौटने के बाद फिर फंसी

काफी संघर्ष के बाद लड़की वहां से निकलने में सफल रही और ट्रेन से वापस रायगढ़ पहुंची। लेकिन घर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाई और फिर उसी व्यक्ति के संपर्क में आ गई जिसने उसे पहले धोखा दिया था। इस बार उसे सुरक्षा का भरोसा दिया गया, लेकिन धीरे-धीरे उसे देह व्यापार में धकेल दिया गया।

लगातार अत्याचार सहने के बाद आखिरकार 11 अप्रैल 2026 को पीड़िता ने कोतरारोड थाने पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया।

नौकरी के नाम पर सौदे की साजिश

रायगढ़ पहुंचने के बाद उसे एक संगठित गिरोह के संपर्क में लाया गया। अगले ही दिन आरोपियों ने उसे मध्य प्रदेश के सागर ले जाकर एक व्यक्ति को 1.5 लाख रुपये में बेच दिया। खरीदार ने उससे जबरन शादी कर ली और लगातार उसका शारीरिक शोषण करता रहा। यह पूरा घटनाक्रम सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था।